केरल में एक दंपति परिवार ने दो महिलाओं की नरबलि देकर घर के पिछे दफन कर दिया था। इसके बाद इस घटना की जानकारी पुलिस को मिली तो कार्यवाही करते हुए दंपति परिवार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और सभी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। इसकी जानकारी पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी है। पुलिस ने कहा कि मानव बलि कांड का आरोपी मोहम्मद शफी एक मनोरोगी है, उसे दूसरों को चोट पहुंचाने, उन्हें जख्म देने में खुशी मिलती है, शफी कामविकृति का भी आदी है।

पुलिस की पूछताछ में ये बताया आरोपियों ने

मीडिया से चर्चा करते हुए कोच्चि कमिश्नर सीएच नागराजू ने बताया कि, आरोपियों ने पहले पूछताछ में सहयोग नही किया था। लेकिन दंपति को जब हिरासत में लिया गया तब उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों का बयान है कि उन्होंने पीड़िता का मानव मांस खाया, लेकिन पुलिस ने कहा कि इसके लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। शफी ने दंपति को आश्वस्त किया था कि उनकी आर्थिक समृद्धि के लिए मानव बलि दी जा सकती है। मोहम्मद शफी के खिलाफ एर्नाकुलम के पथानामथिट्टा में 75 वर्षीय महिला से दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। उसने महिला के प्राइवेट पार्ट पर चाकू से हमला किया था।

मृत महिला और आरोपी की कैसी हुई मुलाकात

पुलिस के मुताबिक, शफी ने श्रीदेवी के नाम से फेसबुक पर 2019 में एक फर्जी अकाउंट बनाया था। इसके बाद भगवल सिंह को अपने प्यार में फंसा लिया। इसके बाद उसने भगवल सिंह से कहा कि वह जाकर रशीद नाम के शख्स से मिले। रशीद जैसा कहेगा, अगर भगवल सिंह वैसा करेगा, तो उसके घर में धन और संपत्ति आ जाएगी. पुलिस को जांच में पता चला है कि रशीद और कोई नहीं बल्कि मोहम्मद शफी ही था।

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भगवल सिंह और उसकी पत्नी लैला ने रशीद (मोहम्मद शफी) से मुलाकात की। शफी ने कपल को बताया कि वे मानव की बलि देते हैं, तो उनके घर में पैसा आ जाएगा। पुलिस ने कहा कि शफी ने मानव बलि के लिए लाई गईं दोनों महिलाओं के आर्थिक हालात का फायदा उठाया। पुलिस ने कहा कि भगवल सिंह और लैला का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, लेकिन पुलिस उनके बारे में और जानकारी जुटा रही है।

टुकड़े करके घर के पीछे किया दफन

कोच्चि सिटी सीप सीएच नागराजू ने बताया कि हमने 26 सितंबर को एक 52 वर्षीय महिला लॉटरी टिकट विक्रेता की गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था।हमें तफ्तीश में पता चला कि महिला का अपहरण कर उसकी पठानामथिट्टा जिले में हत्या कर दी गई। जांच से पता चला कि एर्नाकुलम के शफी ने महिला से उसके आर्थिक हालात ठीक करने का झूठा वादा किया था.