तीन तलाक पर अमित शाह ने की पीएम मोदी की तारीफ, कहा- समाज सुधारकों में लिखा जाएगा नाम

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में पंहुचे जहां पर उन्होने तीन तलाक के मुद्दे को लेकर कहा कि तीन तलाक के विरोध का कारण वोट बैंक की राजनीति है।

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नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में पंहुचे जहां पर उन्होने तीन तलाक के मुद्दे को लेकर कहा कि तीन तलाक के विरोध का कारण वोट बैंक की राजनीति है। उन्होने कहा, तीन तलाक को हटाने की किसी भी सरकार ने हिम्मत नहीं की। तीन तलाक को खत्म करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम समाज सुधारकों में लिखा जाएगा।

गृह मंत्री ने कहा कि तीन तलाक हटाए जाने से मुस्लिम महिलाओं को उनका हक मिला है। तुष्टीकरण की राजनीति के चलते ये कुप्रथा चलती रही और महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। सब मानते हैं इसे हटाना सही है। यह कुप्रथा 16 इस्लामिक देशों में बैन है। लेकिन हमे 56 साल लगे। उन्होने पूछा अगर ये इस्लाम के खिलाफ नहीं होता तो ये देश गैर इस्लामिक काय क्यों करते।

मोदी सरकार ने 5 सालों में लिए 25 ऐतिहासिक निर्णय

अमित शाह ने मोदी सरकार की तारिफ करते हुए कहा कि साढ़े पांच साल के अपने कार्यकाल के अंदर हमारी सरकार ने 25 से ज्यादा ऐतिहासिक निर्णय लेकर देश की दिशा बदलने का काम किया है। यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का कमाल है।

शाह ने कहा, ‘आज अगर यह बिल हम लेकर नहीं आते तो यह दुनिया के सामने भारत के लोकतंत्र के लिए एक बड़ा धब्बा होता. इसके लिए मुस्लिम महिलाओं ने काफी लड़ाई लड़ी। शाहबानो को ट्रिपल तलाक दिया गया तो वे अपनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक गई।’

गृह मंत्री ने कहा, ‘जो राजनीति 60 के दशक के बाद कांग्रेस ने शुरू की और बाकी दलों ने भी उसका अनुसरण किया, उसका असर देश के लोकतंत्र, समाजिक जीवन और गरीबों के उत्थान पर पड़ा है। जो अभाव में जी रहा है, जो गरीब-पिछड़ा है, वो किसी भी धर्म का हो. विकास के दौर में जो पिछड़ गया है, उसे ऊपर उठाओ, अपने आप समाज सर्वस्पर्शी-सर्वसमावेशी मार्ग पर आगे बढ़ जाएगा।’

शाह ने कहा, ‘मूल आघात करने की जरूरत तुष्टीकरण की राजनीति पर है। 2014 में इस देश की जनता ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को पूर्ण बहुमत देकर तुष्टीकरण की राजनीति के अंत की शुरुआत कर दी।’

अमित शाह ने कहा, ‘हाल यह था कि लोग महिलाओं को मोटी कहकर भी तीन तलाक दे देते थे। इस कानून से हिंदू, सिख और ईसाई को नहीं सिर्फ मुस्लिमों को ही लाभ होने वाला। हमने तो विरोध करने वाले सांसदों से मीडिया के सामने बहस करने के लिए भी कह दिया था।’

गौरतलब है मोदी सरकार ने संसद में अपने दूसरे कार्यकाल में तीन तलाक को दण्डनीय कानून बनाया है। जिलस बिल को लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिल चुकी है। वहीं तीन तलाक बिल राज्यसभा में पारित होने के बाद पीएम मोदी ने कहा था कि ‘यह पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। आज करोड़ों मुस्लिम माताओं-बहनों की जीत हुई है और उन्हें सम्मान से जीने का हक मिला है। सदियों से तीन तलाक की कुप्रथा से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को आज न्याय मिला है। इस ऐतिहासिक मौके पर मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं।’

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