मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सागर और भोपाल संभाग के अधिकांश हिस्सों को कवर करने के बाद गुरुवार को मानसून के उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 40 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है।
वहीं अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
40 जिलों में बारिश के आसार
गुरुवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
5 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग का अनुमान है कि 5 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। विभाग ने 3 जुलाई को धार और बड़वानी, जबकि 4 जुलाई को खरगोन जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश के चलते जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका है।
प्रदेश में अब तक औसतन 100.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 28 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग का कहना है कि जून में मानसून की रफ्तार धीमी रही, लेकिन जुलाई में इसके पूरी तरह सक्रिय होने से बारिश सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद है। आमतौर पर प्रदेश की कुल मानसूनी वर्षा का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई महीने में ही दर्ज होता है, जिससे किसानों और जलाशयों दोनों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।









