उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सहारनपुर में 613 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और पलायन आम बात थे, जबकि आज उत्तर प्रदेश विकास, कानून व्यवस्था और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन यह बदलाव 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि उस समय सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़ और मथुरा जैसे शहर दंगों की आग में झुलसते रहते थे। दंगे और कर्फ्यू प्रदेश की नियति बन चुके थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कैराना और कांधला जैसे क्षेत्रों से लोगों का पलायन हुआ, कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी और महिलाओं, व्यापारियों व आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में थी।
‘उपद्रवियों को बचाती थी सपा सरकार’
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2011-12 में मुरादाबाद में डीआईजी स्तर के अधिकारी पर हमला हुआ था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय मुकदमे वापस लेने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई और दोषियों को सजा दिलाई गई।
उन्होंने कहा कि आज सहारनपुर में दंगे नहीं होते, बल्कि मां शाकुंभरी कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाएं आकार ले रही हैं।
सहारनपुर को मिलेगा एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर में तेजी से अधोसंरचना विकसित की जा रही है। अब दिल्ली की दूरी करीब डेढ़ घंटे में तय हो जाती है और जल्द ही सहारनपुर एयर कनेक्टिविटी से भी जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें और कनेक्टिविटी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देती हैं और रोजगार के अवसर बढ़ाती हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि सहारनपुर के वुड कार्विंग उद्योग ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी पहचान बनाए रखी। आज वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के माध्यम से यह कला वैश्विक बाजार तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि निर्यात क्षमता बढ़ाना देश की आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा आधार है।
‘कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे’
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यव्यापी स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण का भी शुभारंभ किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि अभियान को जनआंदोलन बनाकर हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि शिक्षा से वंचित एक भी बच्चा केवल परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की क्षति है।










