कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित डायमंड गृह निर्माण सोसायटी की जमीन को लेकर हुए विवाद में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को संयम इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर प्रतीक संघवी को पूछताछ के लिए कनाड़िया थाने बुलाया गया। डीसीपी अमन सिंह राठौड़ और जांच अधिकारियों ने करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान जमीन के स्वामित्व, खरीद-फरोख्त, पुलिस पर हुए पथराव और मुख्य आरोपी मोहसिन अली से जुड़े सवालों पर विस्तृत जानकारी ली गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि जमीन विवाद के दौरान आरोपियों को किसने वहां तैनात किया और घटनाक्रम के पीछे किन लोगों की भूमिका रही।
बताया जा रहा है कि 21-22 जून की रात कनाड़िया थाना क्षेत्र में डायमंड गृह निर्माण सोसायटी की जमीन पर विवाद के दौरान पुलिस टीम पर हमला हुआ था। शुरुआत में मामला दबा रहा, लेकिन बाद में घटना सामने आने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि विवादित जमीन का करीब 7 एकड़ हिस्सा संयम इंफ्रा कंपनी से जुड़ा हुआ है।
अन्य लोग भी जांच के दायरे में
पुलिस अब केवल प्रतीक संघवी तक सीमित नहीं रहेगी। जांच में जमीन से जुड़े अन्य खरीदारों, कब्जाधारियों और संयम इंफ्रा के पूर्व डायरेक्टरों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि विवादित जमीन के सौदों में किन-किन लोगों की भूमिका रही और पुलिस पर हमला किसके इशारे पर हुआ।
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के रिकॉर्ड के अनुसार संयम इंफ्रास्ट्रक्चर में प्रतीक संघवी, जयश्री संघवी और दिलीप सिसोदिया डायरेक्टर रहे हैं। दिलीप सिसोदिया इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि पूर्व में सुरेंद्र संघवी भी कंपनी के डायरेक्टर थे। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन कलेक्टर मनीष सिंह के भू-माफिया अभियान के दौरान भी सोसायटी की जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर प्रकरण दर्ज हुआ था।
मुख्य आरोपियों की रिमांड बढ़ी
वहीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहसिन अली, मुहम्मद अफजल, दर्शन कृष्णाटे और सुरेश वर्मा को जिला न्यायालय में पेश किया, जहां से चारों की तीन दिन की पुलिस रिमांड बढ़ा दी गई। पुलिस का मानना है कि आगे आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने से कई और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
प्रतीक संघवी से पूछताछ के दौरान उनके परिजन और भाजपा नेता पंकज संघवी भी कनाड़िया थाने पहुंचे। हालांकि पुलिस ने उनसे किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की। पूछताछ पूरी होने तक सभी लोग थाने के बाहर मौजूद रहे।










