शहर में हाल ही में हुए गैस लाइन विस्फोट की घटना के बाद भी सड़कों पर बिना पर्याप्त सुरक्षा और जांच के बोरिंग कराए जाने का मामला सामने आया है। इस बार मामला वार्ड क्रमांक 50 के गिरधर नगर का है, जहां सड़क के बीचों-बीच बोरिंग कराए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
जानकारी के अनुसार, गिरधर नगर की गली नंबर-1 में करीब एक सप्ताह पहले सड़क के बीच बोरिंग कराई गई। बोरिंग के दौरान क्षेत्र के पार्षद राजीव जैन भी मौके पर मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि हाल ही में इंदौर में हुए भीषण जलसंकट के बाद क्षेत्र में बोरिंग की मांग उठी थी। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया ने विधायक निधि से राशि स्वीकृत की और बोरिंग का कार्य कराया गया।
वाहन चालकों के लिए खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के बीच में बोरिंग होने से आने-जाने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को हमेशा सतर्क रहना पड़ता है।
उनका कहना है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।
रहवासियों के आग्रह पर लिया निर्णय
मामले में पार्षद राजीव जैन ने बताया कि बोरिंग का स्थान स्थानीय रहवासियों की सहमति से तय किया गया। उनके मुताबिक, सड़क के दोनों किनारों पर पहले से सीवरेज और नर्मदा पाइपलाइन मौजूद है, जिसके कारण किनारे बोरिंग कराना संभव नहीं था।
इसी वजह से रहवासियों ने स्वयं सड़क के बीच में बोरिंग कराने का निर्णय लिया।
गैस ब्लास्ट के बाद बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इंदौर में अवंतिका गैस लाइन पर बोरिंग के दौरान हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई थी। आरोप था कि बिना पर्याप्त जांच के गैस लाइन के ऊपर मशीन चलाने से हादसा हुआ।
इस घटना के बाद शहर में भूमिगत पाइपलाइन और गैस नेटवर्क के बीच किसी भी तरह की खुदाई या बोरिंग को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की मांग उठ रही है।










