मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में मंगलवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। इंदौर से ग्वालियर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस बस में शॉर्ट सर्किट के चलते भीषण आग लग गई। हादसे में 4 साल के मासूम बच्चे की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना नेशनल हाईवे पर शाजापुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित होटल जैन पथ के पास हुई।
मृतक बच्चे की पहचान शिवपुरी निवासी 4 वर्षीय अन्य जैन के रूप में हुई है। आग लगने के बाद मची भगदड़ में मासूम सीट के नीचे दब गया और बाहर नहीं निकल सका। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव जली हुई हालत में बस से बाहर निकाला गया।
खड़ी बस में अचानक लगी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस होटल जैन पथ पर रुकी थी। इसी दौरान यात्रियों ने बोनट की तरफ से धुआं उठते देखा और कुछ ही देर में आग की लपटें फैल गईं। यात्रियों ने बताया कि रास्ते में पहले से वायरिंग जलने जैसी बदबू आ रही थी और इसकी जानकारी ड्राइवर को भी दी गई थी, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया।
बस में 50 से ज्यादा यात्री सवार थे। आग लगते ही चीख-पुकार मच गई। कई यात्री नीचे उतर चुके थे, जबकि बाकी लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से खिड़कियां तोड़कर बाहर निकाला गया।
हादसे के बाद सामने आया कि बस में न तो आपातकालीन गेट था और न ही आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था। यात्रियों ने आरोप लगाया कि गेट समय पर नहीं खुला, जिससे भगदड़ और बढ़ गई। घटना के बाद बस चालक और क्लीनर मौके से फरार हो गए।
बेटे को नहीं बचा सके पिता
मृतक अन्य के पिता अभिषेक जैन ने बताया कि वह पत्नी और दो बेटों के साथ इंदौर से शिवपुरी लौट रहे थे। आग लगते ही परिवार किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन भगदड़ में उनका चार साल का बेटा बस के अंदर ही रह गया।
रोते हुए अभिषेक ने बताया, “मैंने अपने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह सीट के नीचे दब गया। मेरा भविष्य जल गया।”
हादसे के बीच अभिषेक जैन ने इंसानियत की मिसाल भी पेश की। बस में पड़े लाखों रुपये के जेवर उन्होंने पुलिस को सौंप दिए। साथ ही कई यात्रियों को बाहर निकालने में भी मदद की।
देर से पहुंची फायर ब्रिगेड
घटना की सूचना मिलते ही तराना, मक्सी और शाजापुर से दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। यात्रियों का आरोप है कि पहली फायर ब्रिगेड काफी देर से पहुंची और उसमें पर्याप्त पानी भी नहीं था। बाद में दूसरी गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया।
आग में यात्रियों का सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
पुलिस जांच में जुटी
तराना थाना प्रभारी रामचरण भदौरिया ने बताया कि इंटरसिटी एक्सप्रेस बस (MP-07 JL 9090) इंदौर से ग्वालियर जा रही थी। होटल जैन पथ पर रुकने के दौरान बस में अचानक आग लग गई। हादसे में एक बच्चे की मौत हुई है, जबकि बाकी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल शाजापुर भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।











