धार की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक और मां वाग्देवी की आराधना स्थली मानने संबंधी हाईकोर्ट के फैसले का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने इसे देश की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और इतिहास के सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण और प्रबंधन में भोजशाला की गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना का अधिकार भी सुनिश्चित किया जाएगा।
मां वाग्देवी की प्रतिमा
मां वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने की बात पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को यूनाइटेड किंगडम (UK) से भारत वापस लाने के संबंध में केंद्र सरकार को विचार करने का निर्देश स्वागतयोग्य है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राज्य सरकार भी आवश्यक प्रयास करेगी, ताकि प्रतिमा को उसके मूल स्थान पर स्थापित किया जा सके।
भाईचारे की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की संस्कृति हमेशा ‘सर्वधर्म समभाव’, सामाजिक समरसता और भाईचारे की वाहक रही है। राज्य सरकार न्यायालय के फैसले का पूर्ण सम्मान करती है और प्रदेश में सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव एवं सामाजिक सद्भाव को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि माननीय न्यायालय का यह निर्णय स्वागतयोग्य है और राज्य सरकार इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में पूरा सहयोग देगी।











