मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने धार की ऐतिहासिक भोजशाला को मां वाग्देवी का मंदिर मानते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 230 पेज की रिपोर्ट में कोर्ट ने ऐतिहासिक साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर कहा कि भोजशाला संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र रही है। फैसले के बाद हिंदू संगठनों में खुशी का माहौल है और कई जगह जश्न मनाया जा रहा है।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भोजशाला से जुड़ी एक पुरानी तस्वीर भी चर्चा में आ गई है, जिसमें वे भोजशाला परिसर का निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं।
23 साल पहले पहुंचे थे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भोजशाला के लंबे संघर्ष और उससे जुड़े विवादों के पुराने साक्षी रहे हैं। करीब 23 साल पहले जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वे मध्यप्रदेश में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान धार पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने भोजशाला का निरीक्षण किया था।
इसके अलावा साल 2024 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धार में चुनावी सभा के दौरान भोजशाला और मां वाग्देवी का जिक्र किया था। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ही मां वाग्देवी को नमन करते हुए की थी।
कब-कब पहुंचे बड़े नेता?
अटल बिहारी वाजपेयी
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1985 में भोजशाला पहुंचे थे। बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया था। उस समय भी भोजशाला हिंदू संगठनों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र बनी हुई थी और वाजपेयी के दौरे को आंदोलन के लिए अहम माना गया था।
साध्वी ऋतंभरा
साध्वी ऋतंभरा वर्ष 2003, 2006 और 2013 में भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने यहां आयोजित धार्मिक सभाओं और हिंदू संगठनों के कार्यक्रमों को संबोधित किया। उनके दौरों के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक धार पहुंचे थे, जिसके चलते प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी थी। भोजशाला आंदोलन को लेकर साध्वी ऋतंभरा लगातार मुखर रही हैं।
उमा भारती
मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती वर्ष 2003 और 2004 के दौरान भोजशाला आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़ी रहीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने भोजशाला को लेकर कई सार्वजनिक बयान दिए। वसंत पंचमी के अवसर पर उनके धार पहुंचने से कई बार राजनीतिक माहौल गर्माया और प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
शिवराज सिंह चौहान
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वर्ष 2006, 2013, 2016 और 2024 में भोजशाला मुद्दे को लेकर लगातार बयान देते रहे। उनके कार्यकाल में वसंत पंचमी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी काफी बढ़ाई गई थी। शिवराज सिंह चौहान कई बार सार्वजनिक मंचों से भोजशाला को लेकर अपनी बात रख चुके हैं।
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर वर्ष 2019 और 2024 में भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने यहां पूजा-अर्चना की और भोजशाला को हिंदू पक्ष को सौंपने की मांग का समर्थन किया। उनके दौरों के दौरान भी बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
प्रवीण तोगड़िया
विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया वर्ष 2003, 2006 और 2013 में भोजशाला आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने भोजशाला को हिंदू आस्था का केंद्र बताते हुए कई सभाओं को संबोधित किया। उनके आगमन के दौरान कई बार प्रशासन ने धारा 144 तक लागू की थी।
फिर चर्चा में भोजशाला
हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुरानी तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है और इसे भोजशाला आंदोलन के लंबे इतिहास से जोड़कर देखा जा रहा है।










