उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत बड़ा भुगतान जारी किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में 460 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। यह राशि दुर्घटना से प्रभावित किसान परिवारों को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से भेजी गई है।
सरकार के अनुसार यह योजना उन परिवारों के लिए है, जिनके सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु हो गई हो या गंभीर रूप से प्रभावित हुए हों। भुगतान की प्रक्रिया डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए की गई, ताकि सहायता बिना देरी सीधे खातों में पहुंचे।
राज्य सरकार ने इस मौके पर कहा कि कृषि से जुड़े परिवारों को जोखिम की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा देना प्राथमिकता है। ग्रामीण परिवारों की आय पर अचानक आने वाले संकट को कम करने के लिए इस तरह की सहायता योजनाओं को नियमित रूप से लागू किया जा रहा है।
योजना का मकसद और सहायता का स्वरूप
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का मूल उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवारों को त्वरित आर्थिक मदद देना है। योजना में पात्रता की जांच के बाद सहायता राशि स्वीकृत की जाती है और फिर बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार का कहना है कि पारदर्शिता के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को प्राथमिकता दी गई है।
योजना के तहत सहायता उन मामलों में दी जाती है, जहां दुर्घटना के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ता है। प्रशासनिक स्तर पर आवेदन, सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया तय ढांचे के मुताबिक पूरी की जाती है, ताकि पात्र लोगों तक राशि पहुंच सके।
DBT से भुगतान पर जोर
460 करोड़ रुपये का यह ट्रांसफर राज्य की DBT आधारित भुगतान प्रणाली का हिस्सा है। सरकार लगातार यह रेखांकित करती रही है कि बिचौलिया-मुक्त भुगतान से लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलता है। बैंक खाते में सीधे राशि भेजने से ट्रैकिंग और ऑडिट दोनों आसान होते हैं।
प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा और राहत से जुड़ी योजनाओं में DBT मॉडल का उपयोग बढ़ा है। इसी क्रम में कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के भुगतान को भी डिजिटल मोड में जारी रखा गया है। प्रशासनिक मशीनरी को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित मामलों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए।
किसान परिवारों के लिए संदेश
सरकार ने कहा कि यह भुगतान केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि संकटग्रस्त परिवारों के लिए सुरक्षा तंत्र का हिस्सा है। खेती से जुड़े घरों में किसी दुर्घटना के बाद आमदनी पर सीधा दबाव आता है, ऐसे में यह सहायता राहत का माध्यम बनती है।
राज्य स्तर पर यह भी संकेत दिया गया कि योजना के दायरे में आने वाले मामलों की निगरानी जारी रहेगी। पात्र परिवारों को समय पर लाभ मिले, इसके लिए जिला स्तर पर प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।
इससे पहले भी राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से इसी योजना के तहत भुगतान जारी करती रही है। मौजूदा 460 करोड़ रुपये का ट्रांसफर उसी क्रम की ताजा कड़ी है, जिसे किसान परिवारों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है।











