एमपी में फिर बिगड़ा मौसम, इन 28 जिलों में होगी आंधी-बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

Author Picture
By Raj RathorePublished On: February 21, 2026
MP Weather

मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का रुख बदला है। मौसम विभाग की 21 फरवरी 2026 की ताजा अपडेट के अनुसार राज्य के 28 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति बन सकती है। विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है और स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाने को कहा है। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में बादल, हल्की से मध्यम बारिश और आंधी के दौर की संभावना जताई गई है।

विभाग के मुताबिक मौसम में यह बदलाव ऊपरी हवा में सक्रिय सिस्टम और नमी की उपलब्धता के कारण देखा जा रहा है। दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव और शाम के समय बादल बढ़ने की स्थिति कई इलाकों में दर्ज की जा सकती है। जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, वहां गरज-चमक के साथ बौछारें और कुछ समय के लिए तेज हवा चलने के संकेत हैं।

राज्य में पिछले कुछ दिनों से तापमान में क्रमिक बढ़त देखी जा रही थी, लेकिन ताजा प्रणाली के सक्रिय होने के बाद कई हिस्सों में राहत और अस्थिर मौसम, दोनों स्थितियां एक साथ बन सकती हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अलर्ट एहतियात के तौर पर जारी किया गया है, ताकि जिलास्तर पर आपदा प्रबंधन और स्थानीय निकाय समय रहते तैयारी कर सकें।

किन बातों पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत

बारिश और गरज-चमक के अलर्ट के दौरान सबसे बड़ा जोखिम बिजली गिरने और खुले इलाकों में तेज हवा से जुड़ा होता है। विभाग की सलाह है कि अलर्ट अवधि में किसान, मजदूर और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोग मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें। आकाशीय बिजली की संभावना होने पर पेड़ों के नीचे रुकने, खुले मैदान में खड़े रहने और धातु की वस्तुओं के पास रहने से बचना जरूरी है।

शहरी इलाकों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने पर ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को दृश्यता कम होने की स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। विभाग ने यह भी कहा है कि मौसम के बदलाव वाले घंटों में अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा, खासकर शाम और रात के समय जब गरज-चमक की गतिविधि बढ़ती है।

भोपाल और आसपास का संभावित असर

भोपाल में मौसम परिवर्तन के संकेत पहले से देखे जा रहे हैं। बादल छाने, हवा की दिशा बदलने और तापमान में हल्की गिरावट जैसी स्थितियां अगले चरण की गतिविधि का संकेत मानी जाती हैं। विभाग की अपडेट में भोपाल क्षेत्र के लिए भी बारिश और गरज-चमक की संभावना रखी गई है। स्थानीय प्रशासन को चेतावनी अवधि के दौरान जलभराव, पेड़ गिरने और विद्युत लाइनों से जुड़े जोखिमों पर नजर रखने को कहा गया है।

भोपाल के अलावा राज्य के अलग-अलग संभागों में भी प्रभाव की तीव्रता अलग हो सकती है। कुछ स्थानों पर केवल बादल और हल्की बौछारें रह सकती हैं, जबकि कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवा के छोटे लेकिन असरदार दौर संभव हैं। विभाग का कहना है कि जिला-वार अपडेट समय-समय पर जारी की जाएगी, इसलिए नागरिकों को आधिकारिक बुलेटिन पर ही भरोसा करना चाहिए।

कृषि और ग्रामीण इलाकों के लिए क्या अर्थ

फरवरी के इस चरण में मौसम का अचानक बदलना कृषि गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। खेतों में खड़ी फसल, कटाई की तैयारी और खुले में रखा कृषि सामान बारिश व हवा से प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञ संस्थान आम तौर पर ऐसे समय में खेत से जुड़े काम सुबह के सुरक्षित घंटों में निपटाने और मौसम खराब होने की आशंका पर काम रोकने की सलाह देते हैं।

ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने का जोखिम शहरी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा गंभीर होता है, क्योंकि लोग लंबे समय तक खुले क्षेत्र में रहते हैं। ऐसे में पंचायत और स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। समय पर घोषणा, सामुदायिक संदेश और स्कूलों/आंगनवाड़ी स्तर पर जागरूकता से दुर्घटना का खतरा कम किया जा सकता है।

आगे के लिए मौसम विभाग की प्राथमिक सलाह

मौसम विभाग ने साफ किया है कि अलर्ट का उद्देश्य घबराहट नहीं, तैयारी है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि आधिकारिक मौसम अपडेट नियमित रूप से देखें, विशेषकर उन जिलों में जहां 28 जिलों वाला अलर्ट लागू है। मोबाइल पर आने वाले मौसम संदेश, जिला प्रशासन की एडवाइजरी और आपदा प्रबंधन की सूचना को गंभीरता से लेना चाहिए।

यदि गरज-चमक शुरू हो जाए तो सुरक्षित इमारत में रहें, खुले मैदान और जलाशयों से दूर हटें और बिजली उपकरणों का अनावश्यक उपयोग टालें। तेज हवा के दौरान अस्थायी ढांचे, होर्डिंग, खुले तार और कमजोर पेड़ों के पास रुकना जोखिम बढ़ा सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।

कुल मिलाकर, 21 फरवरी 2026 की यह मौसम चेतावनी मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें राज्य के 28 जिलों को कवर किया गया है। भोपाल समेत प्रभावित क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। ऐसे समय में सबसे प्रभावी उपाय यही है कि नागरिक मौसम की आधिकारिक जानकारी के साथ अपनी दैनिक गतिविधियां तय करें और जोखिम वाले समय में अतिरिक्त सावधानी बरतें।