एमपी में सख्त आबकारी नीति लागू, नहीं खुलेंगी नई शराब की दुकानें, अहाते भी रहेंगे बंद

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By Raj RathorePublished On: February 21, 2026

मध्य प्रदेश में शराब बिक्री को लेकर सरकार ने नई आबकारी नीति 2026-27 लागू कर दी है। इस नीति का सबसे बड़ा बिंदु यह है कि राज्य में नई शराब दुकानें नहीं खोली जाएंगी। इसके साथ ही दुकानों से जुड़े अहाते या परिसर बंद रखने का प्रावधान भी जारी रहेगा।

सरकार का यह कदम शराब विक्रय व्यवस्था को मौजूदा लाइसेंस ढांचे के भीतर संचालित रखने की दिशा में माना जा रहा है। नीति का फोकस नए आउटलेट बढ़ाने के बजाय नियंत्रण, निगरानी और प्रशासनिक अनुशासन पर रखा गया है। राज्य स्तर पर लाइसेंस, संचालन और अनुपालन से जुड़ी प्रक्रियाएं इसी आधार पर आगे बढ़ेंगी।

नई दुकानें नहीं, मौजूदा नेटवर्क के भीतर संचालन

आबकारी नीति 2026-27 के तहत नए शराब बिक्री केंद्र खोलने की अनुमति नहीं होगी। यानी जिन क्षेत्रों में पहले से दुकानें संचालित हैं, बिक्री व्यवस्था वहीं तक सीमित रहेगी। इस फैसले से बाजार के भौतिक विस्तार पर रोक लगेगी और प्रशासन को निगरानी के लिए सीमित बिंदुओं पर काम करना आसान होगा।

नीति का यह ढांचा उन विभागीय प्रक्रियाओं से भी जुड़ता है, जिनमें लाइसेंस नवीनीकरण, संचालन शर्तें और नियमों के अनुपालन की नियमित समीक्षा शामिल होती है। सरकार की मंशा यह दिखती है कि अनियंत्रित विस्तार के बजाय नियमन आधारित मॉडल के साथ आगे बढ़ा जाए।

अहाते बंद रखने का प्रावधान जारी

नई नीति में दुकानों से जुड़े अहाते या परिसर बंद रखने का प्रावधान रखा गया है। इसका असर सीधे उन स्थानों पर पड़ेगा जहां बिक्री के साथ बैठकर सेवन जैसी व्यवस्था पहले चलती थी। अब नीति के मुताबिक इस तरह के परिसर संचालन की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासनिक स्तर पर इसका अर्थ यह है कि स्थानीय अधिकारी निरीक्षण के दौरान दुकानों के साथ जुड़े परिसरों की स्थिति भी जांचेंगे। नियम उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई का अधिकार आबकारी और स्थानीय प्रशासन के पास रहेगा।

नीति का प्रशासनिक और स्थानीय असर

राज्य की नई आबकारी नीति का असर सिर्फ दुकानों की संख्या तक सीमित नहीं है। यह निर्णय कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक स्थानों के उपयोग और स्थानीय शिकायतों के निपटारे से भी जुड़ता है। जिन इलाकों में शराब दुकानों को लेकर संवेदनशीलता रही है, वहां प्रशासन अब स्पष्ट नीति बिंदुओं के साथ काम कर सकेगा।

नई दुकानें न खुलने से लाइसेंसिंग पर दबाव का स्वरूप भी बदलेगा। विभाग का जोर अब संचालन मानकों, शर्तों के अनुपालन और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर रहेगा। इससे नीति लागू कराने में एक समान प्रशासनिक रुख बनाए रखना आसान होगा।

2026-27 के लिए स्पष्ट संकेत

आबकारी नीति 2026-27 का संदेश साफ है कि राज्य फिलहाल शराब दुकानों का विस्तार नहीं करेगा। साथ ही, अहाते बंद रखने की व्यवस्था जारी रखते हुए बिक्री मॉडल को नियंत्रित रूप में बनाए रखा जाएगा। सरकार ने नीति को लागू कर प्रशासनिक इकाइयों को उसी के अनुरूप कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

आने वाले महीनों में जिला स्तर पर इसका असर लाइसेंस संचालन, निरीक्षण और स्थानीय अनुपालन पर दिखेगा। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में शराब विक्रय व्यवस्था अगले वित्तीय चक्र में भी मौजूदा संरचना के भीतर ही चलेगी, जिसमें नए आउटलेट और परिसर संचालन को अनुमति नहीं होगी।