एमपी में अमिताभ बच्चन पर मामला दर्ज, KBC में इस शहर को ‘छोटा सा प्यासा गांव’ कहने पर बढ़ा विवाद

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By Raj RathorePublished On: February 21, 2026
‘Dhadak 2’ का ट्रेलर देख Amitabh Bachchan का रिएक्शन, सोशल मीडिया पर कह दी ये बात

मध्य प्रदेश के नागदा में टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) की एक कथित टिप्पणी को लेकर कानूनी मामला दर्ज हुआ है। जिला न्यायालय में दायर परिवाद में शो के होस्ट अमिताभ बच्चन और Sony TV के CEO को पक्षकार बनाया गया है। परिवादी का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कही गई बात से आपत्ति पैदा हुई और इस पर न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत है।

मामला नागदा जिला न्यायालय में प्रस्तुत होने के बाद अब अदालत की नियमित प्रारंभिक प्रक्रिया के दायरे में है। ऐसे मामलों में अदालत पहले परिवाद की स्वीकार्यता, आरोपों की प्रकृति और उपलब्ध सामग्री का परीक्षण करती है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई, जैसे नोटिस या बयान दर्ज करने जैसी प्रक्रियाएं तय होती हैं।

परिवाद में क्या कहा गया

दायर आवेदन में KBC के एक एपिसोड में प्रसारित कथित टिप्पणी पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। परिवादी पक्ष का कहना है कि प्रसारण के जरिए सार्वजनिक स्तर पर गलत संदेश गया। इसी आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ न्यायालय में शिकायत दी गई। अदालत में दायर दस्तावेजों में शो से जुड़े प्रसारण और संबंधित पक्षों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया गया है।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आरोप परिवादी पक्ष के हैं। अदालत अभी आरोपों की न्यायिक जांच की प्रारंभिक अवस्था में है। अंतिम निष्कर्ष अदालत की सुनवाई और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर ही तय होगा।

नागदा कोर्ट में आगे की प्रक्रिया

जिला न्यायालय में दायर ऐसे परिवादों में पहले मजिस्ट्रेट स्तर पर तथ्यों का परीक्षण होता है। यदि अदालत को प्रथम दृष्टया सुनवाई योग्य आधार दिखता है, तो संबंधित पक्षों को तलब करने या आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया जा सकता है। यदि पर्याप्त आधार नहीं मिलता, तो परिवाद खारिज भी किया जा सकता है।

कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रसारण संबंधी विवादों में अदालत आमतौर पर यह देखती है कि कथित टिप्पणी का संदर्भ क्या था, उसका सार्वजनिक असर क्या पड़ा, और शिकायत में किस तरह की आपराधिक या दीवानी जिम्मेदारी बताई गई है। इसके बाद ही सुनवाई का दायरा तय होता है।

टीवी कंटेंट और जवाबदेही का सवाल

देश में बड़े टीवी शो और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित सामग्री को लेकर आपत्तियां पहले भी उठती रही हैं। ऐसे मामलों में कई बार सोशल मीडिया पर विवाद शुरू होने के बाद शिकायतें पुलिस या अदालत तक पहुंचती हैं। नागदा का यह मामला भी इसी क्रम में एक नया कानूनी परीक्षण माना जा रहा है, जहां शो के कंटेंट को अदालत में चुनौती दी गई है।

मीडिया कानून से जुड़े जानकारों का कहना है कि प्रसारण पर आपत्ति होने पर प्रभावित पक्ष के पास कई रास्ते होते हैं, जैसे नियामकीय शिकायत, पुलिस शिकायत या न्यायालयी परिवाद। नागदा में चुना गया रास्ता न्यायिक है, इसलिए अब अगला चरण अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।

फिलहाल क्या स्थिति है

इस समय मामले का केंद्र बिंदु परिवाद का न्यायालयी परीक्षण है। अदालत यह देखेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोप किस हद तक सुनवाई योग्य हैं। संबंधित पक्षों की ओर से प्रतिक्रिया या जवाब अदालत की प्रक्रिया में सामने आ सकता है। जब तक अदालत से कोई अंतिम आदेश नहीं आता, तब तक इसे आरोपों और प्रारंभिक सुनवाई की स्थिति वाला मामला माना जाएगा।

नागदा जिला न्यायालय में दायर इस परिवाद ने KBC से जुड़े विवाद को कानूनी मंच पर पहुंचा दिया है। आगे की तारीखों और अदालत के आदेशों के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामला समन चरण में जाता है या प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त होता है।