आंखों में भावी सपनों की झिलमिल है, अभी हमको तय करनी एक मंजिल है… वित्त मंत्री Jagdish Devda ने बजट भाषण में सुनाई शायरियां

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By Raj RathorePublished On: February 18, 2026
Jagdish Devda Speech

Jagdish Devda Speech on MP Budget : मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने राज्य का बजट 2026-27 पेश किया। करीब 1 घंटे 30 मिनट चले भाषण में उन्होंने सरकार की योजनाओं, प्राथमिकताओं और आगामी दिशा पर बात की। इस बार बजट प्रस्तुति का सबसे अलग पहलू यह रहा कि देवड़ा ने कई जगह शायरी और काव्य पंक्तियों के जरिए अपनी बात रखी।

वित्त मंत्री ने भाषण की शुरुआत संस्कृत के एक श्लोक से की, जिसमें प्रजा के सुख और राज्य के हित को एक-दूसरे से जोड़ा गया। इसके बाद उन्होंने बजट के मुख्य बिंदुओं पर बोलना शुरू किया। सदन में जब-जब योजनाओं का जिक्र आया, उन्होंने काव्यात्मक पंक्तियों के साथ संदेश देने की कोशिश की।

देवड़ा ने अपने संबोधन में सरकार की कार्यशैली को संकट से समाधान की दिशा में काम करने वाली बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की नीति जनता के साथ मिलकर कठिन परिस्थितियों को अवसर में बदलने की है। भाषण में रोजगार, कृषि, बुनियादी ढांचे, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य और जनकल्याण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

हमारी सरकार जनता के साथ मिलकर संकट को समाधान में, मुश्किल को मुमकिन में और असंभव को संभव में बदलने वाली तस्वीर है – जगदीश देवड़ा

शायरी के जरिए संदेश

वित्त मंत्री ने एक जगह कहा कि सरकार का लक्ष्य हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी संदर्भ में उन्होंने रोजगार, किसानों की आय, महिला भागीदारी, युवाओं के अवसर और आधारभूत ढांचे पर केंद्रित पंक्तियां पढ़ीं। उनके अनुसार राज्य की नीति ‘हर हाथ को काम’ और ‘हर उपज को दाम’ जैसे लक्ष्य पर आधारित है।

हर हाथ को काम, हर उपज को दाम, नारी को निर्णय का अधिकार, युवाओं के हौसलों का प्रसार – जगदीश देवड़ा

उन्होंने जोखिम लेने और बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने के संदेश में भी शायरी का सहारा लिया। यह हिस्सा सदन में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, क्योंकि बजट प्रस्तुति के औपचारिक माहौल में यह अंदाज अलग दिखा।

मौजों के थपेड़े से डरकर, जो साहिल पर रुक जाते हैं, वो लोग कहां कश्ती अपनी, तूफां में उतारा करते हैं – जगदीश देवड़ा

किसान, युवाओं और विकास पर जोर

कृषि पर बोलते हुए देवड़ा ने अन्नदाता की भूमिका को केंद्र में रखा। उन्होंने उन्नत बीज, तकनीक और समर्थ किसान की अवधारणा को विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य से जोड़ा। इसी क्रम में उन्होंने किसानों के स्वाभिमान और उत्पादन क्षमता बढ़ाने का उल्लेख किया।

अन्नदाता के श्रम से खेतों में स्वर्ण निखरता है, उन्नत बीज और तकनीक से भाग्य नया अब सजता है – जगदीश देवड़ा

युवाओं के लिए अवसर, महिलाओं की भागीदारी और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी उन्होंने बजट की केंद्रीय रेखा बताया। जल, स्वास्थ्य और अधोसंरचना को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख भाषण के कई हिस्सों में आया।

हंगामे के बीच जारी रहा भाषण

बजट प्रस्तुति के दौरान कांग्रेस विधायकों की ओर से सदन में हंगामा भी हुआ। शोर-शराबे के बावजूद वित्त मंत्री ने अपना भाषण जारी रखा और तय क्रम में दस्तावेज पढ़ते रहे। राजनीतिक टकराव और काव्यात्मक प्रस्तुति, दोनों कारणों से यह बजट सत्र चर्चा में रहा।

भाषण के समापन में देवड़ा ने लक्ष्य, संकल्प और निरंतर काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य को विकसित मध्य प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक दृष्टि और लगातार प्रयास जरूरी हैं। इसी भाव के साथ उन्होंने अंतिम पंक्तियां पढ़ीं और बजट भाषण पूरा किया।

आंखों में भावी सपनों की झिल-मिल है, अभी हमको तय करनी एक मंजिल है – जगदीश देवड़ा

कुल मिलाकर 2026-27 के बजट भाषण में एक तरफ वित्तीय और नीतिगत घोषणाएं रहीं, तो दूसरी तरफ प्रस्तुतिकरण का शैलीगत पक्ष भी उभरकर सामने आया। सदन में विपक्ष के विरोध और सत्ता पक्ष की प्रस्तुति के बीच यह सत्र राजनीतिक और प्रक्रियात्मक दोनों कारणों से महत्वपूर्ण रहा।