गुवाहाटी में PM Modi ने 3 हजार 30 करोड़ के ब्रिज का किया उद्घाटन, मात्र 7 मिनट में पूरा हो जाएगा सफर

Author Picture
By Raj RathorePublished On: February 14, 2026
Kumar Bhaskar Verma Bridge

PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम दौरे के दौरान गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। यह छह लेन का नया पुल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच सीधे संपर्क को मजबूत करेगा। परियोजना की कुल लागत लगभग 3,030 करोड़ रुपये बताई गई है। सरकार के मुताबिक पुल चालू होने के बाद दोनों इलाकों के बीच यात्रा समय घटकर करीब सात मिनट रह जाएगा।

कुमार भास्कर वर्मा सेतु को पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल बताया गया है। इस डिजाइन में पुल की लंबी अवधि, भार वहन क्षमता और स्थिरता को ध्यान में रखा जाता है। अधिकारियों ने कहा कि गुवाहाटी शहरी क्षेत्र में वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा था, इसलिए शहर के भीतर और आसपास के आवागमन को तेज करने के लिए यह परियोजना प्राथमिकता में रखी गई।

भूकंपीय संवेदनशील क्षेत्र

असम का बड़ा हिस्सा भूकंपीय रूप से संवेदनशील माना जाता है। इसी वजह से पुल में कई संरचनात्मक सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं। परियोजना में बेस आइसोलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि भूकंप के झटकों का असर संरचना पर कम पड़े। इसके अलावा मजबूत स्टे केबल लगाए गए हैं, जिससे पुल की सेवा अवधि और स्थायित्व बनाए रखने में मदद मिले।

पुल पर ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाया गया है। इस सिस्टम के जरिए संरचना की स्थिति पर लगातार निगरानी संभव होगी। तकनीकी टीम समय-समय पर डेटा के आधार पर दबाव, कंपन और अन्य संकेतकों की समीक्षा कर सकेगी। किसी भी संभावित क्षति या रखरखाव की जरूरत का पता पहले चरण में लगाने का उद्देश्य इसी व्यवस्था से जुड़ा है।

केंद्र के नेता मौजूद

कार्यक्रम की शुरुआत में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्य सरकार, केंद्र के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन में बुनियादी ढांचा विकास, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और रणनीतिक क्षमताओं पर भी जोर दिया गया।

आपात लैंडिंग केंद्र पर वायु प्रदर्शन

प्रधानमंत्री की मौजूदगी में डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर बने आपात लैंडिंग केंद्र पर वायु प्रदर्शन किया गया। इस दौरान लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। यह सुविधा पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली बताई गई है और इसे भारतीय वायुसेना के साथ समन्वय में तैयार किया गया है।

सरकारी जानकारी के अनुसार इस आपात लैंडिंग केंद्र का उपयोग आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक, दोनों प्रकार के विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए किया जा सकेगा। प्राकृतिक आपदा, राहत अभियान या रणनीतिक जरूरत की स्थिति में इसका उपयोग तेज प्रतिक्रिया के लिए किया जाएगा। यहां लड़ाकू विमानों के साथ मालवाहक विमानों के संचालन की भी व्यवस्था रखी गई है।

5,450 करोड़ रुपये की परियोजनाएं

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने 5,450 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का कार्यक्रम भी रखा। इन योजनाओं का फोकस संपर्क व्यवस्था, डिजिटल ढांचा, उच्च शिक्षा और शहरी परिवहन पर है। केंद्र और राज्य का कहना है कि इन परियोजनाओं से पूर्वोत्तर में आर्थिक गतिविधियों, सार्वजनिक सेवाओं और क्षेत्रीय पहुंच में सुधार की उम्मीद है।

कुमार भास्कर वर्मा सेतु और मोरान आपात लैंडिंग केंद्र, दोनों को मिलाकर इस दौरे का मुख्य संदेश पूर्वोत्तर में नागरिक और रणनीतिक बुनियादी ढांचे का समानांतर विस्तार रहा। एक ओर शहरी और क्षेत्रीय यातायात को तेज करने की कोशिश दिखी, दूसरी ओर आपातकालीन वायु परिचालन क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।