Science Park Gorakhpur : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर को ज्ञान विज्ञान पार्क की नई सुविधा मिलने जा रही है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने शनिवार को गोरखपुर में बताया कि प्रदेश सरकार ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के नाम पर विश्व स्तरीय ज्ञान विज्ञान पार्क का निर्माण करा रही है। उनके मुताबिक 15.89 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पार्क मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी परिसर से जुड़ी दूसरी बड़ी परियोजना वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण है। मंत्री ने बताया कि इसके लिए 46.88 करोड़ रुपये की लागत से काम कराया जा रहा है। उनके अनुसार दोनों कार्यों के पूरा होने के बाद गोरखपुर और आसपास के छात्रों को विज्ञान शिक्षा और खगोलविज्ञान के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
अनिल कुमार, वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला आधुनिकीकरण और महंत अवेद्यनाथ ज्ञान विज्ञान पार्क स्थापना कार्य का निरीक्षण करने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने निर्माण कार्य की रफ्तार, गुणवत्ता और तय समय सीमा को लेकर विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को दिशा-निर्देश दिए।
पार्क में क्या-क्या बन रहा है?
मंत्री के मुताबिक ज्ञान विज्ञान पार्क में प्राचीन भारतीय इतिहास पर एक गैलरी विकसित की जा रही है। इस गैलरी के क्लास रूम को इनोवेशन हब के रूप में तब्दील किया जा रहा है, ताकि सीखने के साथ प्रयोग और नवाचार को जगह मिल सके। छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए फन साइंस गैलरी भी बनाई जा रही है।
परियोजना में डायनासोर के जीवन वृत्त को रेखांकित करने वाले बड़े मॉडल भी लगाए जा रहे हैं। मंत्री ने बताया कि डायनासोर की तीन प्रजातियों के मॉडल स्वचलित होंगे। पार्क में ओपेन थियेटर, थ्रीडी थिएटर का ऑडिटोरियम और एक्टिविटी लैब जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।
इन सुविधाओं के जरिए विज्ञान की अवधारणाओं को दृश्य, गतिविधि और अनुभव के आधार पर समझाने पर जोर दिया जा रहा है। विभागीय योजना के अनुसार यहां आने वाले छात्र खेल-खेल में विज्ञान सीख सकेंगे और खगोलविज्ञान में रुचि रखने वाले लोग भी तारों की दुनिया की आभासी यात्रा का अनुभव ले सकेंगे।
नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण का लक्ष्य
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण को लेकर मंत्री ने कहा कि इसे आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान नक्षत्रशाला में तकनीकी उन्नयन, संसाधनों की उपलब्धता और परिसर के रखरखाव को लेकर भी निर्देश दिए।
मंत्री ने परिसर में पौधरोपण कराने और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा कि निर्माण और उन्नयन का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो, ताकि सुविधाएं जल्द से जल्द आमजन और छात्रों के लिए उपलब्ध हो सकें।
काम कब शुरू हुआ, कब पूरा होने की बात
मंत्री अनिल कुमार के अनुसार नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण का काम 5 जुलाई 2024 से शुरू हुआ। वहीं ज्ञान विज्ञान पार्क का निर्माण कार्य 5 मई 2025 से प्रारंभ हुआ।
समय-सीमा को लेकर मंत्री ने निरीक्षण के दौरान अलग-अलग लक्ष्य भी बताए। उन्होंने कहा कि विज्ञान पार्क का काम मार्च 2026 तक और नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। इससे पहले उन्होंने यह भी बताया कि 15.89 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन ज्ञान विज्ञान पार्क का निर्माण मई 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
विभागीय स्तर पर प्राथमिकता यह रखी गई है कि दोनों परियोजनाओं की गुणवत्ता से समझौता न हो और किसी भी निर्माण गतिविधि में समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
विज्ञान शिक्षा केंद्र बनाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पार्क का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि यह केवल गोरखपुर तक सीमित न रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि इसे पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के लिए विज्ञान शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम हो।
उन्होंने निर्माण एजेंसी से प्रगति की नियमित समीक्षा करने और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। विभाग के अनुसार गैलरी, थिएटर, एक्टिविटी लैब और अन्य शैक्षणिक हिस्सों को तय डिजाइन और मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
निरीक्षण के समय गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के ओएसडी पुष्पराज सिंह, अधिशासी अभियंता राकेश प्रताप, सहायक अभियंता राज बहादुर सिंह और चयनित फर्म के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंत्री को कार्य की प्रगति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी।
राज्य सरकार की इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गोरखपुर में विज्ञान और खगोलविज्ञान से जुड़े शैक्षणिक संसाधनों का विस्तार होगा। विभाग के अनुसार इसका सीधा लाभ स्कूल-कॉलेज के छात्रों और विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों को मिलेगा।











