उज्जैन के नानाखेड़ा स्थित स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक हॉकी टर्फ तैयार किया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस परियोजना का विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 48.71 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हॉकी टर्फ आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बेहतर अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की आधुनिक खेल सुविधाएं प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करेंगी और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेंगी।
उज्जैन में बनेगी प्रदेश की स्वीमिंग अकादमी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उज्जैन में प्रदेश की स्विमिंग अकादमी स्थापित करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि शहर में तैयार हो रहे खेल ढांचे को देखते हुए यहां तैराकी के क्षेत्र में भी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा हमासपुरा क्षेत्र में नए स्टेडियम के निर्माण का भी वादा किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य उज्जैन को खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाना है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर प्रदेश की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार का प्रयास रहेगा कि इन खेलों की कुछ अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाएं मध्यप्रदेश और उज्जैन जैसे शहरों में आयोजित हो सकें, जिससे प्रदेश को वैश्विक पहचान मिले और स्थानीय खिलाड़ियों को भी बड़े मंच पर खेलने का अवसर प्राप्त हो।
खेल सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां सरकारी धन से खेल सुविधाएं विकसित की गई हैं, उनका बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के माध्यम से खेल विभाग को करीब 800 करोड़ रुपये की विभिन्न खेल संरचनाएं मिली हैं। इनका उपयोग सही तरीके से किया जाएगा ताकि खिलाड़ियों को भविष्य में और अधिक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन परिसरों को खेल विभाग को सौंपकर उनका बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
खेल अधिकारियों को सख्त निर्देश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खेल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए तैयार हो रही सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने एस्ट्रो टर्फ, पैवेलियन और अन्य खेल संरचनाओं की गुणवत्ता की जांच करने को कहा। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि इन परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि यह प्रदेश की प्रतिष्ठा का सवाल है।
उज्जैन बन रहा खेलों का नया केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में लगातार खेल अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है, जिससे यह शहर धीरे-धीरे खेलों का एक प्रमुख हब बनता जा रहा है। हासमपुरा फोरलेन से जुड़ने वाले प्रस्तावित स्टेडियम और अन्य खेल परिसरों से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के हर जिले में खेल सुविधाओं का विकास हो और युवा खेलों में आगे बढ़ सकें।
एक के बाद एक खेल परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन को पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण खेल परियोजनाएं मिली हैं। शहर में 8.71 हेक्टेयर भूमि खेल मैदान के लिए उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा 7.22 करोड़ रुपये की लागत से एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रैक, लॉन टेनिस के लिए सिंथेटिक कोर्ट और घास से निर्मित फुटबॉल मैदान तैयार किए गए हैं। करीब 11.43 करोड़ रुपये की लागत से बने राजमाता सिंधिया बहुउद्देशीय खेल परिसर में आधुनिक शूटिंग रेंज, बैडमिंटन हॉल, मल्लखंभ और जिम्नेशियम जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। जिम के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रदेश में बढ़ रही खेल अकादमियों की संख्या
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 18 खेलों के लिए 11 खेल अकादमियां स्थापित की जा चुकी हैं। इन अकादमियों का ही परिणाम है कि अब मध्यप्रदेश के खिलाड़ी केवल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ही नहीं ले रहे, बल्कि एशियन गेम्स और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों में पदक भी जीत रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश के खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करें।
दुबई से सुरक्षित लौटे जैन परिवार ने जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान उज्जैन के जैन परिवार ने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। शहर के अशोक तल्लेरा और उनके परिजन युद्ध जैसी स्थिति के कारण दुबई में फंस गए थे। मुख्यमंत्री से संपर्क करने के बाद उनके विशेष प्रयासों से यह परिवार सुरक्षित भारत लौट सका। शनिवार को वीवीआईपी गेस्ट हाउस में परिवार के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन कर धन्यवाद ज्ञापित किया और उनके सहयोग के लिए आभार जताया।










