इंदौर शहर को जल्द ही ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। बाणगंगा से सांवेर की ओर बन रहा डबलडेकर फ्लाईओवर अब अंतिम चरण में है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 300 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस ब्रिज की लंबाई 1.5 किलोमीटर है। प्रशासन के अनुसार जून 2026 तक पूरा ब्रिज यातायात के लिए खुल जाएगा।
निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति
अरबिंदो की तरफ ब्रिज की ढलान अब स्पष्ट दिखने लगी है। गर्डर लॉन्चिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। केवल सेंटर में कुछ गर्डर लॉन्चिंग का काम बाकी है। स्काटिंग का काम पूरा हो चुका है। डामर से ट्रैक बनाने का कार्य भी तेजी से चल रहा है। ब्रिज का आकार अब पूरी तरह से नजर आने लगा है।
एक लाख वाहनों को होगा फायदा
इस डबलडेकर ब्रिज के चालू होने से प्रतिदिन करीब एक लाख वाहनों को सीधा लाभ मिलेगा। वाहन चालकों को ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। गाड़ियां बिना किसी रुकावट के अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगी। लंबी कतारों और इंतजार से मुक्ति मिलेगी।
सिग्नल फ्री होगा लवकुश चौराहा
इस ब्रिज के बनने के बाद इंदौर का लवकुश चौराहा भी सिग्नल फ्री हो जाएगा। इससे पहले भंवरकुआं, खजराना और फूटीकोठी चौराहे सिग्नल फ्री हो चुके हैं। शहर में यातायात और सुगम होगा। दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
ट्रैफिक समस्या का समाधान
इंदौर में बढ़ते वाहनों की संख्या के कारण ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन गई थी। खासकर बाणगंगा से सांवेर रोड पर घंटों जाम लगा रहता था। इस डबलडेकर ब्रिज से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। वाहनों की आवाजाही तेज होगी और समय की बचत होगी। प्रशासन का दावा है कि निर्धारित समय सीमा में यह परियोजना पूरी हो जाएगी। इंदौर वासियों को जल्द ही इस सुविधा का लाभ मिलेगा।











