अजित पवार विमान हादसा ने दिलाई माधवराव सिंधिया की याद, 2001 में ऐसे ही हुई थी मौत, लॉकेट से हुई थी पहचान

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By Raj RathorePublished On: January 28, 2026
Ajit Pawar and Madhavrao Scindia

Madhavrao Scindia Plane Crash : महाराष्ट्र के बारामती में एक दर्दनाक विमान हादसा हुआ है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया। वह मुंबई से बारामती जा रहे थे। लैंडिंग से पहले ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हुई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इसकी पुष्टि की है। यह घटना 2001 के माधवराव सिंधिया प्लेन क्रैश की याद दिला रही है।

माधवराव सिंधिया का दर्दनाक हादसा

30 सितंबर 2001 को ग्वालियर राजघराने के महाराज माधवराव सिंधिया का विमान क्रैश हुआ था। वह उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक सभा को संबोधित करने जा रहे थे। उनके साथ कुछ नेता और पत्रकार भी थे। यूपी के भैंसरोली गांव के पास उनका सी-90 एयरक्राफ्ट अचानक क्रैश हो गया। हादसा इतना भयानक था कि माधवराव सिंधिया सहित सभी आठ यात्रियों की मौत हो गई। दो पायलट भी इस दुर्घटना में मारे गए।

लॉकेट और जूतों से हुई पहचान

जिस दिन यह हादसा हुआ, भैंसरोली में बारिश हो रही थी। विमान का अगला हिस्सा जमीन में धंस गया था। पूरा प्लेन जलकर राख हो गया था। जगह-जगह से धुआं उठ रहा था। माधवराव सिंधिया के शव की पहचान उनके गले के लॉकेट से हुई। उनके गले में मां दुर्गा का सोने का लॉकेट था। पैरों में लिबर्टी ग्लाइडर जूते थे। इन्हीं से उनकी पहचान संभव हो पाई। स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव बाहर निकाले। गांव वालों ने भी राहत कार्य में मदद की।

अटल बिहारी वाजपेयी ने लिया था संज्ञान

घटना की खबर मिलते ही दिल्ली से ग्वालियर तक हड़कंप मच गया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने तुरंत जानकारी ली थी। उन्होंने माधवराव सिंधिया का पार्थिव शरीर विशेष विमान से दिल्ली मंगवाया था। वाजपेयी का सिंधिया परिवार से खास लगाव था। दोनों ग्वालियर से जुड़े थे। 1984 में माधवराव सिंधिया ने वाजपेयी को लोकसभा चुनाव में हराया था। इसके बावजूद दोनों में गहरा सम्मान था।

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

माधवराव सिंधिया की अंतिम यात्रा में पूरा ग्वालियर-चंबल संभाग उमड़ पड़ा था। विदेशों से भी लोग अंतिम संस्कार में पहुंचे थे। ग्वालियर की सड़कें लोगों से भर गई थीं। शहर में एक भी होटल खाली नहीं था। लोग अपने परिचितों के घरों में रुके। यह दृश्य माधवराव की लोकप्रियता का प्रमाण था।

माधवराव सिंधिया का राजनीतिक सफर

माधवराव सिंधिया ने अपना राजनीतिक करियर जनसंघ से शुरू किया था। वह पहली बार ग्वालियर से सांसद बने, बाद में वो कांग्रेस में शामिल हुए। उन्होंने सत्ता और संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उनके रेल मंत्री रहते हुए देश में शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू हुई थीं। वह कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे।

दोनों हादसों में समानता

अजित पवार और माधवराव सिंधिया दोनों के हादसों में कई समानताएं हैं। दोनों प्राइवेट विमान से यात्रा कर रहे थे। दोनों राजनीतिक कार्यक्रम में जा रहे थे। दोनों हादसों में विमान लैंडिंग से पहले क्रैश हुआ। माधवराव सिंधिया के हादसे ने उस वक्त पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। अब अजित पवार के निधन से वही पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। दोनों नेता अपने क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय थे।