MP Weather: मध्यप्रदेश में इस वर्ष सर्दी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर में बीते 84 वर्षों की सबसे अधिक ठंड दर्ज की गई, जबकि दिसंबर ने पिछले 25 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग के अनुसार ठंड का यह दौर अभी जारी रहेगा और जनवरी में भी प्रदेश को कड़ाके की सर्दी, घना कोहरा और शीतलहर झेलनी पड़ेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी की शुरुआत में ही कई इलाकों में माइनस स्तर जैसी ठंड के हालात बन चुके हैं और आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट की संभावना है। नए साल की पूर्व संध्या पर भी प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में रहा, हालांकि इसके बावजूद न्यू ईयर का जश्न पूरे उत्साह के साथ मनाया गया।
जेट स्ट्रीम ने बढ़ाई ठंड की तीव्रता
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में जारी भारी बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का सीधा प्रभाव मध्यप्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है। इसके चलते सुबह और शाम घना कोहरा छा रहा है, दिन में कोल्ड डे की स्थिति बन रही है और रात के समय शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय जेट स्ट्रीम भी ठंड की तीव्रता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बुधवार को इसकी गति लगभग 278 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जिसके कारण रात के तापमान में तेज गिरावट आई। गुरुवार को भी जेट स्ट्रीम का असर बने रहने की संभावना जताई गई है।
नए साल की सुबह घने कोहरे में लिपटा प्रदेश
नए साल की पहली सुबह प्रदेश के अधिकांश हिस्से घने कोहरे की चपेट में रहे। ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर बुंदेलखंड, विंध्य और मध्य भारत तक दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और उमरिया सहित भोपाल, इंदौर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, मंडला और डिंडौरी में भी सुबह के समय घने कोहरे का व्यापक असर देखा गया।









