DA Hike : कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि कर्मचारी और पेंशन संबंधित याचिका पर 3 महीने के भीतर कारणयुक्त आदेश जारी किया जाए। यदि याचिकाककर्ता लाभ पाने के हकदार पाए जाते हैं तो सरकार को उन्हें तुरंत फायदा देना चाहिए।
यह आदेश पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस हरप्रीत सिंह ने याचिकाकर्ता निर्मल सिंह और अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया है। याचिकाकर्ताओं ने दलील देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की किस्तें देर से लागू की।
क्या है मामला
छठे पंजाब वेतन आयोग की सिफारिश के अनुरूप केंद्र सरकार के पैटर्न पर महंगाई भत्ते और महंगाई राहत दिया जाना चाहिए था। 125 प्रतिशत महंगाई भत्ता महंगाई राहत 1 जनवरी 2016 से प्रभावी होना चाहिए था लेकिन इसमें देरी की गई थी।
इसी प्रकार 28% महंगाई भत्ता 1 जुलाई 2021 से 34% महंगाई भत्ता जनवरी 2022 से, 38% डीए जुलाई 2022 से और 42% जनवरी 2023 से मिलना चाहिए था पर सरकार ने इन्हें बाद में लागू किया था। याचिकाकर्ताओं ने भविष्य की किस्त 46%, 50%, 53%, और 55% भी समय पर लागू करने और लंबित बकाया पर 12% ब्याज देने की मांग की है।
सुनवाई के दौरान याचिककाकर्ताओं के वकील ने कहा कि वह फिलहाल इस बात से संतुष्ट हैं कि इसलिए यदि सरकार उनकी मांग पत्र पर विचार कर ले। इसके बाद अदालत ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि वह याचिका कर्ताओं की अर्जी पर 3 महीने के अंदर विचार करें और पात्र कर्मियों को उनके महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का भुगतान करें।