Breaking News

नई वेट लॉस गेस्ट्रिक बलून पद्धति द्वारा घटाया 49.4 किलोग्राम वजन

Posted on: 03 Dec 2018 16:39 by Ravindra Singh Rana
नई वेट लॉस गेस्ट्रिक बलून पद्धति द्वारा घटाया 49.4 किलोग्राम वजन

इंदौर: आज के आधुनिक युग मे मोटापे की समस्या बढ़ती जा रही है एवं इसने एक विकराल रूप ले लिया है। मोटापा अपने आप में ही एक समस्या है तथा यह अन्य कई स्वास्थ्य संबंधी एवं सामाजिक समस्याओं की जड़ है जैसे कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक , अर्थराइटिज, बांझपन, सांस फूलना, शादी न होना, हीनभावना अपने एवं अपने शरीर के प्रति।

लोग अपने वजन को कम करने के लिए बहुत सारे उपायों का प्रयोग करते हैं। कुछ लोग तो अपने वजन को कम करने के लिए खाना-पीना तक छोड़ देते हैं, पर ऐसा करने से वजन तो कम नहीं होता है पर शारीरिक कमजोरी हो जाती है। वज़न कम करने के लिए डाईटिंग, एक्सरसाइज या जटिल सर्जरी जैसे प्रमुख तरीकों का उपयोग किया जाता है। अब इंदौर शहर में अत्याधुनिक गैस्ट्रिक बलून तकनीक द्वारा बिना ऑपेरशन के भी वजन घटाया जा सकता है जो एक बेहतर ऑप्शन हैl गैस्ट्रिक बलून को बेली बलून के नाम से भी जाना जाता हैl   मध्यप्रदेश में इस पद्धति की शुरुआत करने का श्रेय डॉ. विशाल जैन को जाता है।

ग्लोबल एस एन जी हॉस्पिटल इंदौर के लेप्रोस्कोपिक सर्जन एवं वेट लॉस स्पेशलिस्ट डॉ. विशाल जैन ने बताया कि अब आप वेट लॉस बलून पद्धति के द्वारा मोटापा एवं अन्य स्वास्थ संबंधी समस्याओं से भी छुटकारा पा सकते हैं। वेट लॉस बलून वजन कम करने का बेहद ही कारगार तरीका है जो कि पूर्णतः रिवर्सिबल है। इस पद्धति के साथ डाइट, एक्सरसाइज एवं खानपान की आदतों में बदलाव अत्यंत आवश्यक है। सामान्यतः इस प्रक्रिया से 10 से 35 किलोग्राम तक आसानी से वजन कम किया जा सकता है। मुख्यरूप से 100 से 110 किलोग्राम एवं इससे कम वजन के लोगों के लिए यह काफ़ी उपयोगी पद्धति है। इससे अधिक वजन के मरीजों के लिए बेरियाट्रिक सर्जरी अधिक कारगर एवं स्थायी उपचार है।

मुझे यह बताते हुए बेहद ख़ुशी मिल रही है कि हमारे पेशेंट्स को इसके बहुत अच्छे परिणाम मिले हैं। तब्बसुम बानो ( परिवर्तित नाम ) ने नई वेट लॉस गेस्ट्रिक बलून पद्धति द्वारा अपना 49.4 किलोग्राम वजन कम किया है। यह संभवतः देश में इस पद्धति द्वारा कम किए गए सर्वाधिक वजन का कीर्तिमान है। जनवरी माह में तब्बसुम का वजन 109 किलोग्राम था एवं उन्हें यह सिलिकॉन गेस्ट्रिक बलून इंडोस्कोपी पद्धति द्वारा पेट में डाला गया था। केवल 10 माह के समय में ही इस पद्धति के द्वारा उनका अभी वजन 59.6 किलोग्राम है।

इसके बारे में जानकारी देते हुए डॉ. जैन ने आगे बताया कि सिलिकॉन का बना यह बलून इंडोस्कोपी  पद्धति द्वारा पेट में डाला जाता है एवं इसे सलाइन के द्वारा भरा जाता है। इस सरल प्रक्रिया में करीबन आधे घंटे का समय लगता है एवं किसी भी प्रकार के ऑपरेशन या चीरफाड़ की आवश्यकता नहीं होती है। चूंकि यह बलून हमारे पेट में फुला रहता है अतः हमें सेंस ऑफ फूलनेस (भरापन) देता है जिससे हमें ज्यादा भूख नही लगती है। इसके कारण हमें कम खाकर भी जल्दी संतुष्टि – तृप्ति आ जाती है जिससे हम धीरे धीरे कुछ ही महीनों में अपना वजन कम कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

डॉ. विशाल जैन : 09589124242

 www.drvishaljain.com

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com