इस वजह से Keyboard के सारे अक्षर क्रम में नहीं होते हैं, जानिए

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कंप्यूटर और मोबाईल पर तेज़ी से लिखने के लिए आप कीबोर्ड/ कीपैड का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि कीबोर्ड पर नज़र आने वाले ये अल्फाबेटिक आर्डर यानि A, B, C. D…, में क्यों नहीं हैं? अभी जितने भी लैपटॉप कीबोर्ड या आपके स्मार्टफोन का कीबोर्ड है, वो QWERTY फॉर्मेट में ही क्यों है? इससे लिखने में भी आसानी होती थी, और स्पीड भी बनी रहती थी। तो आइए आज हम आपको बताते है कि कीबोर्ड के सारे अक्षर अलग अलग क्यों होते हैं।

कंप्यूटर का आविष्कार 19वीं सदी में चार्ल्स बैबेज नामक एक प्रसिद्ध गणितज्ञ प्रोफेसर ने किया था। इसलिए उन्हें ‘कंप्यूटर का पिता’ भी कहा जाता है। हालांकि तब से लेकर अब तक कंप्यूटर में कई बदलाव हुए। कीबोर्ड और मोबाइल के कीपैड में शुरुआती अक्षर क्वार्टी (QWERTY) से शुरू होते हैं। क्रिस्टोफर शॉल्स ने क्वार्टी की रूपरेखा तैयार की थी. सबसे पहले साल 1874 में आये टाइपराइटर में शब्दों का इस्तेमाल इसी तरह हो रहा था। तब उस समय इसे रेमिंग्टन-1 के नाम से जाना गया।

ऐसे बदला समय के साथ कीबोर्ड का आकार –
सबसे पहले आया Christopher Latham Sholes का QWERTY कीबोर्ड वाला टाइपराइटर। लेकिन कीबोर्ड वाले टाइपराइटर में लिखना थोड़ा मुश्किल होता था। इसका कारण था कि कीज के बीच में स्पेस उतना नहीं रहता था, जितना आज के समय है। उस समय टाइपराइटर की कीज भी मोटी और उठी हुई रहती थी, जिसकी वजह से जल्दी टाइप करना नामुमकिन था।

कंप्यूटर का कीबोर्ड बाकी सब से बेहतर होता है और इसकी key एक-दसूरे से अच्छी दूरी पर होती हैं, इसलिए आप बिना रुकावट के आसानी से टाइप कर लेते हैं वो भी फुल स्पीड में। वैसे कंप्यूटर के कीबोर्ड में भी पिछले कुछ समय से कई बदलाव आये हैं।

ये फर्क आपको अपने पुराने सिस्टम और मैकबुक जैसे लेपटॉप में देखने को मिलेंगे और आपको बता दे, उस समय टाइपराइटर में बैकस्पेस का बटन नहीं होता था. यही वजह है कि कीबोर्ड में क्वार्टी (QWERTY) शब्दों का इस्तेमाल शुरू किया गया, ताकि टाइप करने में आसानी हो. इसी कारण कीबोर्ड के कीस एक ही क्रम में नहीं होते

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