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बिटकॉइन स्कैम की कोशिश, जानें क्या है क्रिप्टोकरेंसी, हैकर्स कर रहे मांग

बुधवार को अमेरिका में कुछ ऐसा हुआ जो सभी को हैरत में डालने वाला है। दरअसल, अमेरिका के कई हाई प्रोफाइल नेताओं, सेलेब्रिटी, मशहूर कारोबारी और कंपनियों के ट्विटर अकाउंट को हैक कर लिए गए है। इनमें जेफ बेजोस, बिल गेट्स, बराक ओबामा और जो बिडन जैसे नाम शामिल हैं। साथ ही एपल, ऊबर और कई और कंपनियों के अकाउंट से भी बिटकॉइन स्कैम की कोशिश की गई। इस घटना के बाद ट्विटर पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस खबर ने लोगों को हैरत में डाल दिया है। जानकारी के मुताबिक, दावा किया जा रहा है कि इन सबके बाद लोगों को बिटकॉइन डबल करके वापस किए जाएंगे। आखिर किस कमी की वजह से इतने बड़े नामों के भी ट्विटर हैंडल हैक हो गए? क्या है बिटकॉइन? तो चलिए जानते है आखिर क्यों चर्चा में है बिटकॉइन।

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आपको बता दे, बिटकॉइन एक क्रिप्टोकरेंसी है। इसे 2008 में बनाया गया था। इस कॉइन को सातोशी नकामोति बनाया था। लेकिन अभी तक किसी को भी यह नहीं पता है कि सातोशी नकामोति कौन है। दरअसल, इसे पहली बार 2009 में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में जारी किया गया था। इसे कोई बैंक या सरकार द्वारा कंट्रोल नहीं किया जाता है। भारत में रिजर्व बैंक ने इसे मान्यता नहीं दी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल करेंसी के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में लेन देन की इजाज़त दे दी है। इसका मतलब है कि भारत में बिटकॉइन की खरीदी फरोख्त की जा सकती है।

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अब आपको बता दे क्रिप्टो करेंसी का मतलब। दरअसल, क्रिप्टो का मतलब है जो रियल ना हो। क्रिप्टो करेंसी एक ऐसी मुद्रा है जो कंप्यूटर एल्गोरिद्म पर बनी होती है। इसको सिर्फ इंटरनेट और लैपटॉप में ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इस क्रिप्टो करेंसी का कोई भी मालिक नहीं है। वहीं बिटकॉइन के अलावा दुनिया में सैकड़ों अन्य क्रिप्टो करेंसी भी मौजूद हैं जैसे- रेड कॉइन, सिया कॉइन, सिस्कॉइन, वॉइस कॉइन और मोनरो। जानकारी के मुताबिक, साल 2009 में जब बिटकॉइन को लांच किया गया था तब उसकी वैल्यू 0 डॉलर थी। 2010 में भी इसकी वैल्यू 1 डॉलर तक नहीं पहुंची। लेकिन आज बिटकॉइन का रेट हजारों डॉलर में पहुंच गया है।