क्या है INX मीडिया मामला? जिसने पूर्व गृह मंत्री को पंहुचाया ‘अर्श से फर्श पर’

0
67

नई दिल्ली। सीबीआई ने बुधावार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को INX मीडिया मामले में उनके दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद आज उन्हे अदालत में पेश किया गया है। बता दे कि चिदंबरम ने दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है। वहीं इस पूरे मामले में आईएनएक्स मीडिया की प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी के सरकारी गवाह बन जाने के बाद चिदंबरम लगातार तुश्किलों का सामना कर रहे हैं। यहां तक की अब उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया है। गौरतलब है कि इस मामले में उनके बेटे कार्ति चिदंबरम भी जेल की हवा खा चुके हैं।

क्या है आईएनएक्स मीडिया मामला?

दरअसल, जांच ऐजेंसियों ने दावा किया है कि 2007 में चिदंबरम के वित्त मंत्री के कार्यकाल के दौरान उन्होने पीटर मुखजी और इंद्राणी मुखर्जी की आईएनएक्स मीडिया कंपनी को मंजूरी दिलवाई थी। जिसमें 5 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी गई थी, लेकिन कंपनी में 305 करोड़ रुपए का विदेशी निवेश आया था। यानी 300 करोड़़ रुपए ज्यादा। वहीं कंपनी ने खुद को बचाने के लिए पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के साथ मिलकर साजिश रची और सरकारी अफसरों को प्रभावित करने की कोशिशें की गई। दावा किया जा रहा है कि इस मामले में कार्ति चिदंबरम ने रिश्वत ली थी।

सीबीआई का आरोप है कि कार्ति चिदंबरम के कंट्रोल वाली एक कंपनी को इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के मीडिया हाउस से फंड ट्रांसफर किया गया था। जिसके बाद कार्तिै ने अपने रसूख के दम पर आईएनएक्स को फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट क्लियरेंस हासिल करने में मदद की थी। वहीं आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई द्वारा 15 मई 2015 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिसके बाद ईडी ने इस संबंध में पिछले साल मनी लाॅन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।

ऐसे खुला पूरा मामला-

ठस मामले का खुलासा तब हुआ जब 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के दौरान एयरसेल-मैक्सिस डील की जांच होनी शुरू हुई। इस डील में ईडी द्वारा की जा रही मनी लाॅन्ड्रिंग की जांच के दौरान टीम का ध्यान मैक्सिस से जुड़ी कंपनियों से तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़ी कंपनियों में पैसे आने पर आया। जब ईडी ने इस मामले की बारिकी से जांच की तो एक के बाद एक खूसखोरी की परतें खुलना शुरू हो गई। वहीं इंद्रणी मुखर्जी द्वारा इस केस में सरकारी गवाह बन जाने के बाद चिदंबरम कानूनी शिकंजे में फंसाना शुरू हो गए।

इस मामले में कब-कब क्या हुआ?

  • आईएनएक्स मीडिया केस में सीबीआई ने 15 मई 2017 को प्राथमिकम दर्ज की थी। जिसमें कहा गया था कि समूह ने 2007 में विदेशों से 305 करोड़ रुपये लेने के लिए थ्प्च्ठ की मंजूरी हासिल करने में अनियमितता पाई। वहीं ईडी ने भी इस मामले में 2018 में मनी लाॅन्ड्रिंग का केस दर्ज किया और सीबीआई की ओर से चप चिदंबरम को पूछताछ के लिए समन जारी किया गया।
  • चिदंबरम ने 30 मई 2018 को सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत का अनुरोध किया। वहीं 23 जुलाई 2018 को ईडी द्वारा दर्ज धन शोधन मामले में अग्रिम जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में गुहार लगाई। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हे 25 जुलाई को दोनो मामलों में अंतरिम राहत दी।
  • हाई कोर्ट ने 25 जनवरी 2019 को दोनों ही मामलों में चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा। लेकिन 20 अगस्त को उनकी जमानत याचिका को ठुकरा दिया गया। जितसके बाद 21 अस्त को उन्हे रात को गिरफ्तार कर लिया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here