प्रेमनगर, देहरादून में पहुंचे सीएम धामी जीएसटी बचत उत्सव’ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम सीएम ने व्यापारियों से लिया जीएसटी स्लैब पर फीडबैक व्यापारियों से बोले सीएम “घटे जीएसटी का लाभ आम जन तक पहुँचाएं” लोगों ने कहा घटी जीएसटी मिला उपहार धन्यवाद डबल इंजन सरकार देश भर में जीएसटी दरों में मिली छूट से लोगों में ख़ुशी की लहर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने सीएम धामी का किया अभिनन्दन प्रधानमंत्री मोदी और सीएम धामी की जोड़ी जनता को भायी जीएसटी दरों में मिली छूट से प्रदेश का प्रत्येक नागरिक होगा लाभान्वित सीएम धामी ने की जनता से अपील“स्वदेशी खरीदें, देश को सशक्त बनाएं” मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून के प्रेमनगर में आयोजित जीएसटी बचत उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए।
यह आयोजन देशभर में जीएसटी दरों में की गई कटौती को लेकर जनजागरूकता फैलाने और जनता को इसके प्रत्यक्ष लाभों से अवगत कराने के उद्देश्य से किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार शाम देहरादून के प्रेमनगर स्थानीय बाज़ार पहुंचकर व्यापारियों से मुलाकात कर नए जी.एस.टी स्लैब के बारे में फीडबैक लिया एवं व्यापारियों से आम जन को भी घटे हुए जी.एस.टी के बारे में जानकारी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने जनता से किया संवाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में जाकर दुकानदारों से फीडबैक भी लिया।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा हम स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर भारत के लोगों और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करें। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में जनता से मुलाकात कर उनको घटे हुए नेक्स्ट जनरेशन जी.एस.टी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए कई आवश्यक उत्पादों और सेवाओं पर जी.एस.टी स्लैब में कमी की है। जिसका सीधा लाभ देश के आम जनता को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने जनता से अधिक से अधिक स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों की खरीददारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से हमारे कुटीर उद्योग, स्थानीय कारोबारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे प्रदेश एवं देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा जब हम अपने स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे, तभी हमारे ग्रामीण एवं शहरी उद्यमी सशक्त होंगे और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति मिलेगी।












