इंदौर में 142 एकड़ का तुलसीनगर, अयोध्यापुरी के साथ भागीरथपुरा भी हो सकेगा वैध, निगम ने प्रक्रिया की शुरू

शासन के निर्देश पर अवैध कालोनियों को वैध करने को वैध करने की प्रक्रिया एक बार फिर पिछले दिनों शुरू की गई, जिसके चलते नगर निगम ने प्राप्त आवेदनों की जांच-पड़ताल के बाद वैध की जा सकने वाली 196 कालोनियों की सूची जारी करते हुए दावे-आपत्ति भी आमंत्रित की है।

शासन के निर्देश पर अवैध कालोनियों को वैध करने को वैध करने की प्रक्रिया एक बार फिर पिछले दिनों शुरू की गई, जिसके चलते नगर निगम ने प्राप्त आवेदनों की जांच-पड़ताल के बाद वैध की जा सकने वाली 196 कालोनियों की सूची जारी करते हुए दावे-आपत्ति भी आमंत्रित की है। इस सूची में 142 एकड़ पर विकसित तुलसी नगर, अयोध्यापुरी के साथ भागीरथपुरा और खाती मोहल्ला भी वैध हो सकेगा। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने कालोनी सेल के साथ-साथ भवन अनुज्ञा की लीज शाखा की भी समीक्षा की और अभी भवन अधिकारियों को स्पष्ट दिए कि अवैध निर्माण कतई ना होने दें और समय सीमा में नियमों के साथ नक्शों की मंजूरी हो। फायर एनओसी के लम्बित प्रकरणों को भी समय सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का लक्ष्य भी पूरा किया जाए।

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पिछले दिनों प्रदेश शासन ने नगर पालिका अधिनियम 1956 में कुछ संशोधन करते हुए अवैध कालोनियों को वैध करने की प्रक्रिया फिर से शुरू करवाई। मगर पंचायत और नगरीय निकायों के चुनावों के चलते यह प्रक्रिया ठप पड़ी रही। इसे अब फिर गति देने के प्रयास किए गए हैं। 31.12.2016 के पूर्व अस्तित्व में आ चुकी अवैध कालोनियों को ही तय मापदण्डों के आधार पर वैध किया जा सकेगा। रहवासी संघों द्वारा तमाम कालोनियों को वैध करने के आवेदन कालोनी सेल में लगाए गए हैं, जिनकी जांच-पड़ताल के बाद 196 नियमितिकरण के योग्य पाई गई अवैध कालोनियों की सूची निगम ने घोषित की है, जिसमें कालोनाइजर का नाम-पता, ग्राम, रकबा बताया गया है और पिछले दिनों सार्वजनिक सूचना जारी कर 15 दिन में दावे-आपत्तियां भी आमंत्रित की गई थी। पहली सूची में 177 और दूसरी सूची में 19 कालोनियां घोषित की गई। इसमें सबसे बड़ी और चर्चित तुलसी नगर भी शामिल है, जो पिपल्या कुमार की 126.20 एकड़ जमीन पर काबिज है।

वहीं देवी अहिल्या कर्मचारी गृह निर्माण की भूमाफियाओं से मुक्त करवाई छोटी खजरानी स्थित अयोध्यापुरी कालोनी भी शामिल है, जिसका रकबा 15.77 एकड़ है। ग्रेटर बृजेश्वरी, बृज विहार, पाश्र्वनाथ नगर, गिरधर नगर, अलकापुरी, न्याय नगर के साथ-साथ मूसाखेड़ी स्थित खाती मोहल्ला, सम्पत फार्म, सम्पत विहार, सम्पत एवेन्यू कालोनियों के अलावा 29.85 पर विकसित भागीरथपुरा भी वैध हो सकेगा। इसके अलावा पवन नगर, शाहिन नगर, आलोक नगर, चंदन नगर के कुछ सेक्टर, गीताराम पार्क, संजीव नगर, कंधारी नगर, लैकपार्क कालोनी तेजपुर गड़बड़ी, प्रिंस सिटी सुखलिया, न्यू एकता नगर, अमन नगर, गीता पैलेस, शालीमार पैलेस सहित अन्य कालोनियां हैं। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने इन 196 कालोनियों की सूची निगम वेबसाइट के साथ सोशल मीडिया पर भी जारी करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को जानकारी मिल सके और इसके साथ ही आयुक्त ने भवन अनुज्ञा और कालोनी सेल की बैठक भी कल ली, जिसमें अपर आयुक्त संदीप सोनी सभी बीओ, बीआई शामिल रहे।

प्राधिकरण की भी कई योजनाओं में बन गई अवैध कालोनियां
प्राधिकरण की कई योजनाओं में भी अवैध कालोनियां विकसित हो गई है। योजना 171, जो अभी तक छूटी नहीं है, उसमें शामिल पुष्प विहार, न्याय नगर सहित कई कालोनियां अवैध है। निगम की 196 कालोनियों की घोषित सूची में योजना क्र. 46, योजना क्र. 139 एमआर-10 के पास, योजना क्र. 94 के कुछ सेक्टर के अलावा योजना क्र. 94 सेक्टर जी में स्थित न्यू इंदिरा एकता नगर और चौहान नगर का भी व्यवस्थापन किया जाना है। इसी तरह योजना क्र. 38 के कुछ भाग के साथ ही योजना क्र.97 भाग 4 में भी अवैध कालोनियों का व्यवस्थापन किया जाना है। प्राधिकरण ने कई योजनाओं में गृह निर्माण संस्थाओं के साथ अनुबंध भी किए, जिसके आधार पर पात्र सदस्यों को भूखंड आबंटित किए। अभी कई संस्थाओं के भूखंड विवादों के चलते आबंटन से शेष रह गए हैं।