आज है पुत्रदा एकादशी, जानिए व्रत का शुभ मुहूर्त और महत्व

आज हम आपको बताएंगे इस पुत्रदा एकादशी का शुभ मुहूर्त और महत्व ।

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सावन माह की शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी यानी पुत्रदा एकादशी के व्रत का महत्व हिन्दू धर्म में सर्वोच्च माना जाता हैं। साल में 24 एकादशी आती हैं। इन 24 एकादशी में सभी का महत्व सर्वोच्च माना जाता हैं। मान्यता हैं कि एकादशी के व्रत को करने से मन कि चंचलता खत्म होती हैं और सभी रोगों से भी मुक्ति मिलती हैं। आज हम आपको बताएंगे इस पुत्रदा एकादशी का शुभ मुहूर्त और महत्व ।

शुभ मुहूर्त

पुत्रदा एकादशी पर शुभ मुहूर्त में पूजा करना ही शुभ माना जाता हैं। एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 4 बजकर 22 मिनट तक हैं।

पुत्रदा एकादशी का महत्व

इस व्रत का महत्व शास्त्रों में सर्वोच्च माना जाता हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत और विधिवत पूजन से संतान प्राप्ति का फल मिलता हैं। साथ ही अपनी संतान के सुखमय जीवन की कामना भी पूर्ण होती है। पुत्रदा एकादशी व्रत की कथा को सुनने से मोझा की प्राप्ति होती हैं।

रखें इन बातों का ध्यान

1- इस व्रत को दो तरह से रखा जाता है- निर्जला व्रत और फलाहारी या जलीय व्रत।

2- निर्जला व्रत को पूरी तरह से स्वस्थ्य व्यक्ति को ही रखना चाहिए।

3- यदि आप सक्षम ना हो तो आपको फलाहारी या जलीय उपवास रखना चाहिए।

4- वैसे तो यदि आप सक्ष्म ना हो तो आपको फल का सेवन कर लेना चाहिए लेकिन इस दिन बेहतर होगा कि केवल जल और फल का ही सेवन किया जाए।

5- संतान सम्बन्धी मनोकामनाओं के लिए इस एकादशी के दिन भगवान् कृष्ण या श्री नारायण की उपासना की जाती है।