आज है आश्विन शुक्ल चतुर्दशी तिथि, रखें इन बातों का ध्यान

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आज मंगलवार, आश्विन शुक्ल चतुर्दशी तिथि है। आज उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, “आनन्द” नाम संवत् 2078 है
( उक्त जानकारी उज्जैन के पञ्चाङ्गों के अनुसार है)

-आज सर्वार्थ सिद्धि योग प्रातः 6:30 से 12: 13 बजे तक है।
-भीष्म पितामह कुरुक्षेत्र के निकट ओघवती नदी के तट पर शरशैया पर लेटे थे।
-शरशैया पर लेटे हुए भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को जो ज्ञान दिया था, वह वैदिक सिद्धान्त की तरह इस भूमण्डल पर आज भी मान्य है।
-काशी में सबसे पहले दण्डपाणि गणेश जी का पूजन करने के बाद ही विश्वेश्वर भगवान का पूजन करने का महत्त्व है।
-जब सारे तर्क समाप्त हो जाते हैं, तभी उत्तम ज्ञान की प्राप्ति होती है।
-महाभारत के अनुशासन पर्व में ब्राह्मणों की महिमा का विस्तार से वर्णन है।
-ब्राह्मण परस्पर तप और विद्या की अधिकता देखकर एक – दूसरे का सम्मान करते हैं।
-जो ब्राह्मण विद्वान है, वह महान देवता के समान है।
-विद्वान ब्राह्मण को आद्य, मध्य और अवसान का ज्ञान होता है।
-घर में श्वान ( कुत्ता) रखने वालों के लिए स्वर्ग में स्थान नहीं होता है। (महाभारत महा प्रास्थानिक पर्व)
-राजा जनमेजय ने सर्पेष्टि यज्ञ तक्षशिला में किया था। (महाभारत स्वर्गारोहण पर्व)
-रविवार के व्रत में रात्रि भोजन वर्जित माना गया है।

विजय अड़ीचवाल