तीस हजारी केस: SC ने कहा एक हाथ से नहीं बजती ताली, हड़ताल का कोई समाधान नहीं

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Suprime Court

नई दिल्ली। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में वकीलों-पुलिस के बीच हुए विवाद को लकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा है कि दोनों ही पक्षों से गलती हुई है। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि तीस हजारी कोर्ट में हुए विवाद के बाद वकीलों द्वारा किए गए प्रदर्शन का कोई समाधान नहीं है।

बता दे कि शीर्ष अदालत ने जजों की नियुक्ति पर ओडिशा हाई कोर्ट व निचली अदालतों के वकीलों की हड़ताल को लेकर ये टिप्पणी की है। पीठ ने अटॉर्नी जनरल के.के.वेणुगोपाल, बार काउंसिल, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और ओडिशा बार काउंसिल से सहयोग की भी मांग की है। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि काउंसिल हड़ताल खत्म करने के लिए प्रयास भी करें।

जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के.एम. जोसेफ की बेंच ने कहा कि ‘कभी-कभी हमारा चुप रहना भी काफी सही होता है। बेहतर है कि हम इस पर कुछ न ही कहें।‘ पीठ का कहना है कि दोनों पक्षों ने गलती की है। ताली एक हाथ से नहीं बजती और हमें इस मामले में हमें ज्यादा कुछ नहीं बोलना है।

शीर्ष कोर्ट वकीलों की हड़ताल की आलोचना भी की है। साथ ही कहा है कि हाईकोर्ट और निचली अदालतों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। अदालत ने कहा, वकीलों द्वारा की जा रही इस हड़ताल कोई समाधान नहीं है। इसके कई कानूनी समाधान उपलब्ध हैं। बार काउंसिल नेएक-दो दिन में दिल्ली की अदालतों में माहौल सामान्य होने का भरोसा दिया है।