विजय माल्या से भी बड़ा घोटालेबाज निकला ये बिजनसमैन, बैंकों के डकारे हजारों करोड़ रुपए

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नई दिल्ली। देश में बैंकिंग धोखाधड़ी रूकने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही भारतीय रिजर्व बैंक ने डिफाॅल्टरों की एक नई सूची जारी की है, जिसमें चैंकाने वाला नाम सामने आया है। वहीं देश के सरकारी स्वामित्व वाले बैंकों ने इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच कुल 958 अरब रुपए के घोटालों की शिकायतें दर्ज कराई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक सरकारी बैंकों ने छह महीने के इस अंतराल में घोटाले व धोखाधड़ी के 5743 शिकायतें दर्ज कराई गई है। रिवर्ज बैंक ने जिन डिफाॅल्टरों की नई सूची जारी की है, उनमें शराब कारोबारी विजय माल्या से भी बड़ा डिफाॅल्टर निकलकर सामने आया है। इस सूची में मप्र के इंदौर में रहने वाले कारोबारी कैलाश सहारा की रुचि सोया और मुरैना के रमेशचंद्र गर्ग की केएस ऑयल का नाम शामिल है।

आरबीआई की इस लिस्ट के अनुसार कैलाश सहारा की रुचि सोया शराब कारोबारी और भगोड़े विजय माल्या से दो पायदान ऊपर है। कैलाश सहारा के कर्ज न चुका पाने की राशि 3225 करोड़ रुपए है, जबकि माल्या का कुल बकाया 2488 करोड़ रुपए है। कर्ज देने वाले रुचि सोया कंपनी को एनसीएलटी ले गए हैं। जहां दिवाला कानून के तहत कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं मुरैना के रमेश चंद्र गर्ग की केएस ऑयल मिल पर कुल डिफॉल्ट किए गए कर्ज की राशि 1026 करोड़ रुपए है।

वित्त मंत्री के मुताबिक, इस साल 1000 मामलों में 25 अरब रुपए का घोटाला हुआ है। वित्त मंत्री के मुताबिक, एसबीआई ने सबसे ज्यादा 254 अरब रुपए के घोटाले की शिकायत की है, जबकि पीएनबी ने 108 अरब रुपए और बैंक ऑफ बड़ौदा ने 83 अरब रुपए की धोखाधड़ी की जानकारी दी है। वित्त मंत्री का कहना है कि सरकारी बैंकों को हो रहे नुकसान की भरपाई करने में सरकार जुटी हुई है। बैंकों में घोटाले की घटनाएं रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने उच्च सदन में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो सालों में निष्क्रिय हो चुकी कंपनियों के 3.38 लाख बैंक खातों को सीज किया गया है। उन्होंने बताया कि अब बैंकिंग धोखाधड़ी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने पर विचार किया जा रहा है।

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