भारतीय सेना के ये हथियार, दुश्मनों के हौसलें करेंगे पस्त

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These Are The Assault Rifles Used By Indian Military Forces

भारतीय सेना के पास इतने खतरनाक हथियार हैं कि   जिनका नाम सुनते ही दुश्मनों के छक्के छूट जाते हैं।  भारतीय सेना के इन हथियारों का सामना किसी भी मुल्क के जांबाज सैनिक कर पाना बेहद मुश्किल हैं। आइए जानते हैं। इन हथियारों के बारे में…

.INS कोच्ची जो भारतीय नेवी में 2009 में शामिल हुई थी। यह युद्ध पोत रडार की पकड़ में न आने वाली मिसाइल से लैस है, जो काफी दूरी तक  दुशमनों को मौत के घाट उतार सकती है। इस  मिसाइन का सिस्टम दुश्मनों की हलचल का जरा सा एहसास होते ही उस दिशा में अपना काम  शुरू देता  है।

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. आईएनएस विक्रमादित्य को भारतीय नेवी में 2013 में शामिल किया गया था। यह एक बार में अधिकतम 36 फाइटर जेट को ले जा सकती है जो इसकी मारक क्षमता को बड़ाती  है। इस विमानवाहक के समुद्र में होने से 25 किमी तक की समुद्री सीमा सुरक्षित रहती है।

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.Dragunov स्नाइपर राइफल भारतीय सेना के स्नाइपर इस हथियार का इस्तेमाल करते है। इसकी रेंज 800 मीटर तक होती है। वहीं राइफल एक मिनट में 30 राउंड तक फायर कर सकती है।

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.सुखोई Su 30 mki को रशियन खतरनाक लड़ाकू विमान को हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स की मदद से देश में ही बनाया है। जिसे 2002 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। इस लड़ाकू विमान में दो सीट होती हैं जिनकी गति 2100 किलाोमीटर प्रति घंटा होती है। इस विमान में इनती खासियत होती है। कि यह 3000 किलोमीटर की रेंज में आने वाले दुश्मनों को मार सकती है।

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.एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल भारतीय थल सेना का पोर्टेबल ​हथियार है जिसका इस्तेमाल भारतीय सेना कंधे पर रखकर मिसाइल दागने में करती है। इसकी फायरिंग इतनी है कि यह 25 किलोमीटर दूर तक दुश्मनों के टैंक को उड़ा सकती है। एक बार तैयार होने के बाद हर 15 सेकेंड में इसे रीलोड किया जा सकता है।

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.T 90 भीष्म टैंक भारतीय सेना में 2001 में शामिल किया था। इसकी खासियत है कि यह बिना फ्यूल ड्रम के इसकी रेंज 550 किलोमीटर है। यह टैंक 125mm ​की गन से लैस है। इस टैंक को रशियन टैंक को सीरिया की सिविलवार में इस्तेमाल किया जा चुका हैै।

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. बोफोर्स तोप इंडियन आर्मी की आर्टिलरी में इसका इस्तेमाल किया जाता है। 155 एमएम की यह तोप 30 किमी दूर दुश्‍मन के ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है। इस तोप का 1999 कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की जीत में प्रमुख योगदान है।

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. ग्‍लोबमास्‍टर को भारत ने 2013 में अमेरिका से इसे खरीद कर इंडियन एयरफोर्स का हिस्सा बनाया था। इसमें लगभग 80 टन के साथ 150 सैनिकों का भार भी ढोने की क्षमता है। इसका इस्तेमाल युद्ध के हालात में जल्द से जल्द सैनिकों तक हथियार पहुंचाने में किया जाता है।

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. ब्रह्मोस मिसाइल को इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी और इंडियन एयरफोर्स इस्‍तेमाल करते हैं। ये मिसाइल 3,400–3,700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जमीन या पानी की सतह से 450 किलोमीटर और हवा से 400 किमी तक मार करने में सक्षम है। यह मिसाइल 300 किलो तक विस्‍फोटक ले जाने में सक्षम है। इससे परमाणु हथियार भी लांच किया जा सकता है।

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. अग्नि मिसाइल को भारतीय सेना में शामिल किया गया है। इसमें अग्नि के 6 वर्जन हैं। पहले वर्जन की मारक क्षमता 700 किमी है जबकि सबसे लेटेस्‍ट वर्जन अग्नि-VI की मारक क्षमता 10 हजार किमी तक है। इस मिसाइल से परमाणु हथियार भी लांच किए जा सकते हैं।

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