राज्य के श्रम विभाग का मुख्य काम विभिन्न अधिनियमों के माध्यम से श्रमिकों के शारीरिक एवं सामाजिक अधिकारों का संरक्षण करना है। इसके आधार पर प्रदेश को मध्यप्रदेश रोजगार कानून बनाने व् रोज़गार पोर्टल में आवश्यक सधार करने की आवश्यकता है. जैसे कि पोर्टल पर प्रदेश के समस्त विभागों में रिक्त पदों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाए एवं उक्त जानकारी प्रति माह के अंतराल पर अपडेट की जाए। उक्त रोजगार पोर्टल पर बेरोज़गारों की संख्या, उनकी वर्तमान स्थिति प्रति माह के अंतराल पर अपडेट की जाए.

साथ ही रोजगार की स्थिति पंजीकृत छात्र के द्वारा ही अपडेट की जाए उस स्थिति के आधार पर यदि कोई छात्र स्नातक पूर्ण होने के एक वर्ष बाद तक बेरोजगार ही रहता है, तो न्यूनतम 5000 रुपये प्रतिमाह बेरोजगार भत्ता दिया जाए। 4. पोर्टल पर विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों का विस्तृत ब्यौरा दिया जाए दिए. एवं उक्त मेलों में रोजगार पाने वाले व्यक्तियों की जानकारी सार्वजनिक की जाए

भर्ती प्रक्रिया में भी सुधार की आवश्यकता

विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु प्रतिवर्ष न्यूनतम 10% पदों पर विज्ञापन जारी किया जाए। 2. सम्पूर्ण भर्ती प्रक्रिया अधिकतम 10 माह में पूर्ण कर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। उक्त समय सीमा में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण न होने पर अभ्यर्थियों को उक्त समय सीमा पूर्ण होने की तिथि से नियुक्ति होने तक प्रति अभ्यर्थी 10,000 रुपये प्रतिमाह क्षतिपूरक भत्ता दिया जाए। 3. नोर्मलाइजेशन प्रक्रिया खत्म की जाए, परीक्षा केन्द्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी कर #IBPS की तरह एक ही दिन में विभिन्न पारियों में पेपर का समान स्तर रखते हुए परीक्षा सम्पन्न की जाए, व् संविदा और आउटसोर्स प्रारूप में भर्ती पूरी तरह बंद की जाए

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UPSC की तरह परीक्षाओं में सही, अविवादित तथा निर्धारित पाठ्यक्रम से ही प्रश्न पूछे जाएं, जिससे ‘कि’ को विलोपित करने की स्थिति उत्पन्न न हो! 6. सभी परीक्षाओं में आवेदन शुल्क अधिकतम 100 रुपये किया जाए। प्रत्येक परीक्षा में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को अधिकतम 5% पदों पर ही नियुक्ति हेतु विचार किया जाए! 5. मध्य प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों, एक्सटेंशन कार्यालय पर प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों, रिसर्च की भर्ती पीएसी के माध्यम से कराई जाए इंटरव्यू के आधार पर सीधी भर्ती को बंद किया जाए!

राज्य भर्ती आयोग का गठन

राज्य में आयोजित होने वाली सभी भर्ती प्रक्रियाओं के संचालन एवं मॉनीटरिंग हेतु विधिक भर्ती आयोग का गठन किया जाए। उक्त आयोग युवाओं/ अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हेतु सशक्त हो!