Indore। बेटियां तो कुदरत का अनमोल तोहफा है, ये हर किसी के भाग्य में नहीं होती। अपनी बेटियों की शादी में लोग बहुत कुछ खर्च करते है, तमाम तरह के गहने, गाड़ी बंगले से लेकर कई तरह के पकवान बनवाते है। लेकिन शहर में एक ऐसा भी परिवार है जिसने अपनी बेटी के साथ दूसरी बेटियों की भी शादी का जिम्मा उठाया है। डॉ दिव्या गुप्ता बताती है कि आज से पांच साल पहले बेटी का विवाह था, विवाह तय होने के बाद बेटी ने हमसे कहा कि मुझे आपसे कपड़ा, गहना, दहेज कुछ भी नहीं चाहिए, अगर आप कुछ कर सकते है तो समाज के लिए कीजिए। हमारी बेटी की तरह कई बेटियां हैं, उनके विवाह करवाने की हमने शुरुआत की।

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बेटी की शादी में अमेरिका से बारात आई, साथ में हुई 21 जोड़ो की शादी

पांच साल पहले बेटी की वरमाला के साथ हमने अन्य 21 जोड़ो की शादी करवाई। सभी मेहमानो को वह सब खान पान और सुविधाएं प्रदान की जो हमारी बेटी में आए मेहमानो को दी। आखिर वह भी तो हमारी बेटियां है।

5 साल से करवा रहे शादी, इस बार होगी 24 जोड़ो की शादी

डॉ दिव्या गुप्ता बताती है कि मैंने और मेरे पति सुनील गुप्ता ने इसकी शुरुआत की थी तब शुरुआत में हमने 21 जोड़ो की शादी करवाई थी। अब 26 जनवरी को हम दिव्य शक्ति पीठ परिसर में 24 जोड़ो की शादी करने जा रहे है। इस सामूहिक विवाह समारोह के बाद 110 जोड़ो की शादी हो जायेगी। यह पूरी तरह निशुल्क है, इस विवाह समारोह को करने के बाद दिल को सुकून मिलता है।

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दूल्हा दुल्हन के जोड़े से लेकर घरेलू उपयोग के सारे सामान दिए जाते है।

सामूहिक विवाह समारोह में हर चीज का ध्यान रखा जाता है, जिसमें दूल्हा दुल्हन के जोड़े भी सिलवाकर देते है। वही दहेज प्रथा से हटकर हम बेटियो को घरेलू इस्तेमाल में आने वाली चीजें उपहार स्वरूप देते है। जिसमें मशीन, बेड, गैस चूल्हा, बर्तन, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान देते है।

एक जोड़े पर एक लाख से ज्यादा का खर्च करते है, वहीं अपनी मर्जी से कोई चाहे तो मदद कर सकता है

गुप्ता दंपत्ति बताते है कि, बेटियों के एक विवाह में लगभग एक लाख का खर्च आता है, हम किसी से कुछ नही मांगते वही कुछ साथी है जो अपनी इच्छा से कुछ उपहार बेटियों को देते है। शादी में बाराती और घराती दोनों के भोजन से लेकर ठहरने और अन्य सुविधाएं दी जाती है।

कई समाज के जोड़े होते है शामिल

सामूहिक विवाह समारोह में हर समाज के जोड़े शामिल होते है, जो जोड़े शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए पहले आते है उन्हें प्राथमिकता दी जाती है, जो पहले जोड़े आते है उन्हें समारोह में शामिल कर लिया जाता है।