पेट्रोल-डीजल पर कम नहीं होगा टैक्स, न ही आएंगे GST के दायरे में : वित्त मंत्री

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sitaraman

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने सोमवार को लोकसभा में साफ किया है कि पेट्रोल-डीजल पर किसी भी प्रकार का टैक्स कम नहीं किया जाएगा। साथ ही इसे वस्तु एवं सेवा कर के दायरे में भी नहीं लाया जाएगा। इसके पीछे सरकार का तर्क है कि पेट्रोल-डीजल पहले से ही जीएसटी के जीरो रेट कैटेगिरी में आता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने जाने से संबंधित एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल पहले से ही जीएसटी में हैं। उन्होने कहा, विश्व में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जहां पर पेट्रोल और डीजल के दाम एक समय के स्थिर रहती हों।

वित्त मंत्री का कहना है कि यह जीएसटी के शून्य रेट कैटेगिरी में आते हैं। बता दे कि पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर जीएसटी परिषद द्वारा फैसला लिया जाता है। वित मंत्री की अध्यक्ष्ता वाली इस परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री सदस्य होते हैं।

वित्त मंत्री ने ये भी स्पष्ट किया है कि कि पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करने को लेकर कोई भी प्रस्ताव नहीं है। साथ ही उन्होने ये भी कहा है कि इस पर कोई अन्य टैक्स लगाने का भी सरकार का कोई प्रस्ताव नहीं हैं। बता दे कि केन्द्र सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल पर कई तरह के एक्साइज और कस्टम ड्यूटी लगाई जाती है। जबकि राज्य सरकार की तरफ से भी वैट और स्थानीय कर लगाए जाते हैं।

वहीं किसानों को सब्सिडी पर डीजल उपलब्ध कराने के सवाल पर सीतारमण ने कोई उत्तर नहीं दिया। उन्होने सिर्फ इतना ही कहा कि यह केवल राज्य सरकारें कर सकती हैं।

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