shravan garg

‘दादा’ का चुनाव चिन्ह, डिटर्जेंट पाउडर और भाजपा की वाशिंग मशीन !

‘दादा’ का चुनाव चिन्ह, डिटर्जेंट पाउडर और भाजपा की वाशिंग मशीन !

By Suruchi Chirctey—July 10, 2023

श्रवण गर्ग ऐतिहासिक बन चुके 5 जुलाई 2023 के दिन अजीत दादा पवार या ‘दादा’ अजित पवार को मुंबई के बांद्रा स्थित मुंबई एजुकेशनट्रस्ट परिसर में बोलते हुए टीवी पर

विकल्प भी अगर हिंदुत्व है, तो फिर भाजपा ही क्या बुरी है ?

विकल्प भी अगर हिंदुत्व है, तो फिर भाजपा ही क्या बुरी है ?

By Suruchi Chirctey—June 19, 2023

श्रवण गर्ग कर्नाटक फ़तह के बाद विंध्य पार करते ही कांग्रेस इस नतीजे पर पहुँच गई कि नफ़रत का कोई बाज़ार अब कहीं मौजूद नहीं है, मोहब्बत की दुकानें ही

इस नायक के जज़्बे को अब भी सलाम नहीं करेंगे ?

इस नायक के जज़्बे को अब भी सलाम नहीं करेंगे ?

By Suruchi Chirctey—May 20, 2023

श्रवण गर्ग एक लंबी चलने वाली लड़ाई के पहले दौर को अकेले आदमी ने आज जीतकर दिखा दिया है ! क्या आप अब भी इस तिरपन साल के ‘नौजवान’ को

क्या कर्नाटक में ‘केरला स्टोरी’ की अफवाह हारेगी नहीं ?

क्या कर्नाटक में ‘केरला स्टोरी’ की अफवाह हारेगी नहीं ?

By Suruchi Chirctey—May 9, 2023

श्रवण गर्ग कर्नाटक के परिणामों की नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के अलावा जो एक तीसरा व्यक्ति सबसे ज़्यादा प्रतीक्षा कर रहा होगा उसका नाम सुधीर मिश्रा हो सकता है

नागरिकों का सैन्यकरण या सेना का नागरिकीकरण ?

नागरिकों का सैन्यकरण या सेना का नागरिकीकरण ?

By Suruchi Chirctey—June 20, 2022

श्रवण गर्ग तीन साल पहले (2019)लगभग इन्हीं दिनों, मीडिया के कुछ क्षेत्रों में सावधानीपूर्वक तैयार की गई एक महत्वपूर्ण खबर जारी हुई थी जिसके तथ्यों के बारे में बाद में

टूटती हुई कांग्रेस भारत को जोड़ना चाहती है !

टूटती हुई कांग्रेस भारत को जोड़ना चाहती है !

By Suruchi Chirctey—May 21, 2022

श्रवण गर्ग जिस कांग्रेस के साथ देश और दुनिया का सबसे महान गुजराती अपनी कोमल छाती पर एक हिंदू राष्ट्रवादी हत्यारे की गोलियाँ झेलने के बाद भी अपनी अंतिम साँस

यादों की गुल्लक हाथों में थामे बजाते रहे श्रवण गर्ग

यादों की गुल्लक हाथों में थामे बजाते रहे श्रवण गर्ग

By Suruchi Chirctey—May 16, 2022

कीर्ति राणा पत्रकारिता जगत में श्रवण गर्ग (Shravan Garg) का नाम देश-दुनिया में जाना-पहचाना है। उम्र के 75 वें पड़ाव में से उनकी आधी सदी तो पत्रकारिता और लेखन को

जनता की चिट्ठी ही तुड़वा सकती है पीएम की चुप्पी !

जनता की चिट्ठी ही तुड़वा सकती है पीएम की चुप्पी !

By Suruchi Chirctey—May 4, 2022

श्रवण गर्ग देश में चल रही धार्मिक हिंसा और नफ़रत की राजनीति के ख़िलाफ़ कुछ सेवा-निवृत्त नौकरशाहों और अन्य जानी-मानी हस्तियों के द्वारा प्रधानमंत्री के नाम खुली चिट्ठी लिखकर उनसे

कांग्रेस और प्रशांत किशोर के बीच बातचीत क्यों टूटी ?

कांग्रेस और प्रशांत किशोर के बीच बातचीत क्यों टूटी ?

By Suruchi Chirctey—April 28, 2022

श्रवण गर्ग कांग्रेस प्रशांत किशोर (पीके) की समस्या से आज़ाद हो गई है। पार्टी ने तय किया है कि अपना घर ठीक करने के किए उसे किसी भी बाहरी विशेषज्ञ

मुसलमानों के अधिकारों की लड़ाई क्या हिंदू लड़ेगा ?

मुसलमानों के अधिकारों की लड़ाई क्या हिंदू लड़ेगा ?

By Suruchi Chirctey—April 25, 2022

श्रवण गर्ग हुकूमत अगर बहुसंख्यक वर्ग के कट्टरपंथी दंगाइयों के साथ खड़ी नज़र आती हो तो लोकतंत्र और अल्पसंख्यकों की रक्षा की ज़िम्मेदारी किसे निभानी चाहिए ? असग़र वजाहत एक

इन हिंसक भीड़ों पर नियंत्रण ज़रूरी हो गया है !

इन हिंसक भीड़ों पर नियंत्रण ज़रूरी हो गया है !

By Suruchi Chirctey—April 19, 2022

श्रवण गर्ग धर्म की रक्षा के नाम पर हिंसक भीड़ों के जो समूह सड़कों पर लगातार बढ़ते जा रहे हैं उन पर नियंत्रण क़ायम करने का क्षण आ पहुँचा है।इस

ये विभाजन की विभीषिका के ‘क्लाशनिकोव’ क्षण हैं!

ये विभाजन की विभीषिका के ‘क्लाशनिकोव’ क्षण हैं!

By Mohit Devkar—March 27, 2022

-श्रवण गर्ग ऐसा मान लेना ठीक नहीं होगा कि लगभग 183 अरब रुपए की हैसियत वाली मुंबई की फ़िल्म इंडस्ट्री में जो कुछ बड़े लोग इस वक्त डरे हुए हैं

संघ को डर गांधी से ,भाजपा को ख़ौफ़ कांग्रेस का?

संघ को डर गांधी से ,भाजपा को ख़ौफ़ कांग्रेस का?

By Mohit Devkar—March 17, 2022

-श्रवण गर्ग ‘जी-23’ के अपंजीकृत नाम से सक्रिय कांग्रेस के ग़ैर-ज़मीनी असंतुष्ट और प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) आपस में औपचारिक रूप से मिले हुए बिना भी एक ही उद्देश्य

हम अटल जी को इतना याद क्यों करना चाह रहे हैं ?

हम अटल जी को इतना याद क्यों करना चाह रहे हैं ?

By Akanksha Jain—December 28, 2020

-श्रवण गर्ग ईसा मसीह के जन्मदिन पच्चीस दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण इस बार इतना ज़्यादा क्यों किया गया ? अटल जी का जन्मदिन

क्या ‘जंतर मंतर ‘बन पाएगा नया शाहीन बाग़ ?

क्या ‘जंतर मंतर ‘बन पाएगा नया शाहीन बाग़ ?

By Akanksha Jain—November 29, 2020

-श्रवण गर्ग कोरोना के आपातकाल में भी दिल्ली की सीमाओं पर यह जो हलचल हो रही है क्या वह कुछ अलग नहीं नज़र आ रही ? हज़ारों लोग- जिनमें बूढ़े

लोग जानना चाहते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए !

लोग जानना चाहते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए !

By Mohit Devkar—September 17, 2020

श्रवण गर्ग सहज जिज्ञासा है कि लोग पूछ रहे हैं : ’अब क्या करना चाहिए ?’ एक विशाल देश और उसके एक दूसरे से लगातार अलग किए जा रहे नागरिक

एक प्रवक्ता की मौत और मीडिया की कथित मजबूरियाँ !

एक प्रवक्ता की मौत और मीडिया की कथित मजबूरियाँ !

By Ayushi Jain—August 16, 2020

श्रवण गर्ग एक राजनीतिक दल के ऊर्जावान प्रवक्ता की एक टीवी चैनल की उत्तेजक डिबेट में भाग लेने के बाद कथित मौत को लेकर टी आर पी बढ़ाने वाले कार्यक्रमों