दिल्ली के एम्स में हॉस्टल बनाने के लिए छात्र मांग रहें हैं दान, ये बड़ी वजह आई सामने

बाते शुक्रवार को छात्रों ने प्रोटेस्ट करते हुए  सड़क पर उतरकर हॉस्टल के लिए लोगों से दान मांग रहे हैं। इसकी जानकारी वीडियो के माध्यम से सामने आई है।

दिल्ली के एम्स में कुछ दिन पहले हॉस्टल नहीं मिलने पर एक छात्र ने खुदखुशी कर ली थी। इसके बाद से लगातार स्टूडेंट प्रर्दशन करके हॉस्टल की मांग कर हैं। बाते शुक्रवार को छात्रों ने प्रोटेस्ट करते हुए  सड़क पर उतरकर हॉस्टल के लिए लोगों से दान मांग रहे हैं। इसकी जानकारी वीडियो के माध्यम से सामने आई है।

वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि डॉक्टर के कपड़े पहन कर एम्स के विध्यार्थियों के हाथोें में दानपेटी लेकर जगह-जगह जाकर लोगो से मदद मांग रहें है। यह वीडियो दिल्ली के एक गुरूद्वारे का है जिसमें स्टूडेंट दान पेटी को गुरूद्वारे के अंदर लोगों से दान मांग रहें है। यही नहीं एम्स के मरीजों से भी डोनेशन मांगते नजर आ रहें है।

इस वजह से दान मांग रहें है छात्र

गौरतलब है कि, एम्स अस्पताल के छात्र लोगों से पैसों की मांग कर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ दिन पहले एम्स में पैरा मेडिकल स्टूडेंट की मौत हो गई थी। कैंपस में हॉस्टल न मिलने के कारण वह बाहर किराए के कमरे में रहता था। स्थानीय छात्रों का आरोप है कि अगर उसे हॉस्टल मिला होता तो वक्त रहते उसकी जान बचाई जा सकती थी। उस छात्र की मौत के बाद यहां कई विभाग के डॉक्टर, छात्र और नर्स एसोसिएशन ने सभी के लिए हॉस्टल की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

पिछले कई दिनों से स्टूडेंट अपनी मांगों को लेकर ऐम्स के डायरेक्टर ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन दे रहे हैं लेकिन उनकी मांगों पर अभी तक सुनवाई नहीं हो रही है। वही भुख हड़ताल पर भी छात्र चले गए उसके बाद भी उन्हें एक लेटर थमा दिया गया है जिसमें उनके ऊपर कार्रवाई की बात कही गई है. वहीं, एम्स के मेडिकल छात्रों का कहना है कि प्रशासन हमें डराना चाहता है। हमें लेटर दिया है, लेकिन हम डरने और झुकने वाले नहीं हैं।

एम्स प्रशासन पहले भी कहता रहा है कि हमारे पास फंड नहीं है इसलिए हम आपको हॉस्टल उपलब्ध नहीं करा सकते। इसके बाद हमने एक नया तरीका सोचा जिसके बाद हमने और हमारे साथियों ने गुरुद्वारे मंदिर और एम्स अस्पताल के अंदर घूम-घूम कर लोगों से डोनेशन भी मांगा है ताकि हम डोनेशन इकट्ठा करके एम्स प्रशासन को दे दें।

प्रदर्शनकारी छात्र और छात्राओं का कहना है कि हम बीते कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन एम्स प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही डायरेक्टर और डीन अस्पताल में आते हैं। लेकिन हमें अनदेखा किया जा रहा है. हमारे साथी छात्र की एम्स प्रशासन की लापरवाही के चलते मौत हो गई। इसके अलावा, अगर यह हमारी बात अभी नहीं मानते हैं तो हम आगे भूख हड़ताल करेंगे। भूख हड़ताल के बाद भी नहीं मानते हैं तो हम कुछ छात्र आमरण अनशन पर भी बैठ जाएंगे। जो भी हमारे साथ होगा उसका जिम्मेदार एम्स प्रशासन होगा।