इंदौर(Indore) : डेवलपमेंट फाउंडेशन के तत्वाधान में शहर के प्रबुद्ध जनों की बैठक हुई । जिसमें शास्त्री ब्रिज, मेट्रो लाइन तथा रेलवे स्टेशन के किए जा रहे विकास कार्यों को चर्चा की गई। वरीष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मुकुंद कुलकर्णी की अध्यक्षता में हुई बैठक में, सर्व अतुल सेठ,प्रो,ओपी भाटिया ,प्रो वदना तारे ,पूर्व सिटी इंजीनियर जगदीश डगांवकर ,प्रो सन्दीप नाथूलाल, डेवलपमेंट फाउंडेशन की ओर से आलोक खरे, श्रीनिवास कुटुम्बले, प्रो रमेश मंगल दिनेश जिन्दल, शफी शेख और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।

बैठक में  अतुल सेठ ने शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण में आने वाली तकलीफ ओर समस्या को लेकर बताया एवं,इन पर विचार हुआ जिसमें वर्तमान में बना हुआ शास्त्री पुल को तोड़कर नए पुल बनाने का जो विचार चल रहा है। उस पर शेठ ने बताया कि ,इसके निर्माण के लिए जो रेलवे की आवश्यकता , कि पांचवी लाइन रेलवे को डालना है एवं पुल, की उंचाई करीब आधा मीटर कम पड़ती है, रेलवे लाइन के लिए बिजली की लाइन के लिए ,वही नये स्टेशन और पुराने स्टेशन को जोड़ने के लिए भी जो मार्ग अभी उपलब्ध है, वह मात्र 3 फीट का है, इसको चौड़ा करना है ।

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इस समस्या का हल शेठ ने बताया कि रेलवे बोगदे कै दोनों और 70-70 फुट जगह है ।उसके अंदर , अतिरिक्त जो जगह की आवश्यकता है उसकी पूर्ति हो सकती है ।और ऊंचाई के लिए , आर्च स्पान बना हुआ है ,उसको तोड़ के ,रेलवे स्पान को स्टील ट्रक के माध्यम से स्पान का निर्माण किया जाता है तो, हाइट की समस्या का निदान हो सकता है ।ओर इस को तोड़ने की आवश्यकता भी नहीं रहेगी। इसी तरह जहां तक मेट्रो के स्टेशन का सवाल है और जहां तक का रेलवे के नये आधुनिक स्टेशन का सवाल है तो इसमें भी बहुत कम खर्च करके एवं कम तोड़फोड़ कर भी इसका निर्माण हो सकता है ।

इस स्थान पर मैट्रो के बारे में भी आम लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है? शहर में मेट्रो,कहां से आने जाने वाली है ?इस विषय को अलग से रखा जाना चाहिए, इसमें आने-जाने के लिए क्या प्रावधान होना चाहिए इस पर अलग से विचार किया जाना चाहिए। अन्य मुद्दे पर शेठ ने बताया कि , मेट्रो के मार्ग के बारे मे बताया कि , एमजी रोड पर पलासिया चौराहा ,क्रॉस करने के बाद में ,जो पहले मेट्रो अंडरग्राउंड होने वाली थी रीगल चोराहा तक आते-आते उसके अंदर खुदाई की समस्याओं को देखते हुए पूरा रोड को खोदना पड रहा हे। उसको देखते हुए अब जो निर्णय हुआ है कि मेट्रो को ऊपर उपर चलाया जाएगा ।

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शहर में भी और पूरे एमजी रोड से होते हुए बडे गणपति तक ऊपर मेट्रो चलेगी ।और बड़ा गणपति के बाद अंडरग्राउड की योजना है । इसके बारे में भी शेठ ने तीन विकल्पों को बताया । जिसमें पहला विकल्प यह है कि मेट्रो को शेख हातिम तीराहे से ही, नाले के किनारे किनारे लेते हुए, 56 दुकान, जंजीर वाला चौराहा होते हुए रेस कोर्स रोड पर नए मेट्रो ओर रेलेवे स्टेशन का मिलन संभव है ।

और उसके आगे शहर मे जो ले जाना है वह ,नयापुरा से चिकमंगलूर चौराहे होते हुए सुभाष मार्ग से होते हुए बड़ा गणपति तक आराम से जाया जा सकता है। और इस मार्ग मैं दोनों संभावना बन सकती है अगर अंडरग्राउंड ले जाना हो तो जीएसआइटीएस के सामने से ट्रेन को अंदर ले जाया जा सकता है ।वहां पर खुदाई करने में और ट्रैफिक के बीच में अड़चन नहीं आएगी ।यहां से ट्रेन को अंडर ग्राउंड करके इसको सुभाष मार्ग ला सकते हे या एमजी रोड के समकक्ष समांतर भी अंदर ले जाया जा सकता है ।

इसमें कोई कठिनाई नहीं आएगी । यह दो विकल्प सुझाए गए हैं । तीसरा विकल्प यह है कि मेट्रो जो ऊपर आ रही है वह हाईकोर्ट के बाद अहिल्या लाइब्रेरी के वहां से मोड़ते हुए रानी सराय, एसपी ऑफिस के बीच में जो जगह है वहां से निकालते हूए मेहतानी मार्केट के बीच से होते हुए छोगालाल उस्ताद मार्ग से होते हुए रीवर साइट रोड पर आएगी । और वहां से आगे जा सकती है । इस तरीके से और उसमें भी नागरिकों को कम अड़चन, असुविधा होगी । ओ पी भाटिया ने कहा कि जल्द बाज़ी में शास्त्री ब्रिज को तोड़ने का निर्णय ग़लत है, पहले शहर के विशेषज्ञों से चर्चा करना चाहिए।

प्रो रमेश मंगल ने कहा कि शहर के लिए बनने वाली योजनाएं ,आम लोगों को पता ही नहीं चलती अतः पहले नागरिकों को विश्वास में लिया जाना चाहिए। जगदीश डगांवकर ने कहा कि शहर के नागरिकों को बगेर तकलीफ में डालें या कम तकलीफ हो, ऐसे काम किए जाने चाहिए। मती वन्दना तारें ने कहा कि शहर में मेट्रो के मिलाकर जो कार्य किए जा रहे हैं उनसे जनता को अवगत कराएं, बैठक में आलोक खरे, मुकुंद कुलकर्णी, श्रीनिवास कुटुम्बले,सन्दीप नारूलकर, शफी शेख आदि ने भी विचार रखे। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि माननीय सांसद और महापौर से मिलकर इन बातों को उनके ध्यान में लाया जाए और आगे की कार्रवाई की जाए ।इसी सम्बन्ध में जल्द ही डेवलपमेंट फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलेगा।