इंदौर। भारत के प्रथम कौशल विश्वविद्यालय सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेस ने एक अद्वितीय प्रबंधन योग्यता पर आधारित प्रवेश परीक्षा स्किल कैट का अनावरण किया। यह अनावरण एक भव्य समारोह में अम्बरीश दत्ता जी के कर कमलों द्वारा संपन्न किया गया। अम्बरीश दत्ता जी (एमडी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी) बी. एस. ई. संस्थान लिमिटेड एवं संस्थापक निदेशक (बी.एफ.एस.आई कौशल परिषद, भारत सरकार) इस अवसर पर मुख्य अतिथि की भूमिका में समारोह में शामिल हुए।

अम्बरीश दत्ता एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पृथ्वी यादव द्वारा स्किल कैट परीक्षा की विवरण पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

 

स्किल कैट परीक्षा के माध्यम से सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेस में एमबीए के कोर्स के लिए छात्रों की लिखित परीक्षा ली जाएगी। यह परीक्षा ही एकमात्र माध्यम होगा कौशल आधारित प्रतिष्ठित एमबीए कोर्स में प्रवेश पाने के लिए| यह प्रवेश परीक्षा दो बार कराई जाएगी, 12 फरवरी 2023 को एवं 12 मार्च 2023 को। दोनों परीक्षाओं का परिणाम क्रमश: 19 फरवरी एवं 19 मार्च को घोषित किया जाएगा।

स्किल कैट परीक्षा के आवेदन पत्र 7 जनवरी 2023 को जारी करने शुरू किए जाएंगे। यह परीक्षा पूरे भारत के 20 प्रमुख शहरों में कराई जाएगी। इसके विषय में और अधिक जानकारी वेबसाइट www.skill-cat.ac.in से प्राप्त की जा सकती है।

इस अवसर पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ पृथ्वी यादव ने बताया कि स्किल कैट भारत की प्रथम कौशल आधारित प्रवेश परीक्षा होगी जो कि व्यावहारिक विज्ञान से प्रेरित रहेगी और प्रवेश आकांक्षी की अधिग्रहित एवं प्रतिभा को पहचान कर ही प्रवेश के लिए चयन करने में मददगार होगी।

इस अवसर पर बोलते हुए अम्बरीश दत्ता ने बताया कि उन्होंने स्किल कैट की संकल्पना को समझा है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले कुछ वर्षों में स्किल कैट अपने क्षेत्र की प्रतिष्ठित परीक्षा बनेगी एवं कैट परीक्षा की तरह ही कौशल विकास शिक्षा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने एमबीए कोर्स को पूरी तरह से आवासीय करने के सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेस के निर्णय का भी भरपूर स्वागत करते हुए कहा की इससे छात्रों को अपने विकास का पूर्ण समय तो मिलेगा साथ ही उद्योग जगत के दिग्गज भी इन छात्रों को अपने हिसाब से पूरा समय दे सकेंगे। उन्होंने इस एमबीए कोर्स एवं स्किल कैट की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कदम से उद्योग जगत को भी फायदा होगा।