दिल्ली में छाया ‘जल प्रलय’, खतरे के निशान से ऊपर यमुना नदी का जलस्तर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भीषण बाढ़ की चपेट में है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। वहीं यमुना नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

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नई दिल्ली : ष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भीषण बाढ़ की चपेट में है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। वहीं यमुना नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यमुना का जलसतर 205.36 मीटर बना हुआ है, जबकि खतरे का निशान 205.33 है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए ईस्ट दिल्ली प्रशासन ने रेलवे से मांग की है कि ओल्ड ब्रिज के रेलवे ब्रिज को बंद किया जाए।

इधर रेलवे ने भी खतरे की आशंका के चलते पुरानी दिल्ली स्थित लोहे के पुल पर स्पीड रेस्ट्रिक्शन लगा दिया है। ऐसे में अब ब्रिज के ऊपर से गाड़िया 20 किलोमीटर की रफ्तार से ही गुजर सकेंगी।

वहीं प्रशासन भी बाढ़ के खतरे को लेकर सतर्क हो गया है। जिसके चलते यमुना का जलस्तर अधिक बढ़ने के कारण नदी से सटे तराई के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बुधवार तक यमुना का जल स्तर 207 मीटर पर पहुंचने की जानकारी दी है। वहीं दिल्ली सरकार का कहना है कि वह केंद्र के साथ मिलकर सतर्क है। दिल्ली सरकार ने बताया है कि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी यमुना के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए आपातकालीन बैठक बुलाई है। बैठक के बाद केजरीवाल ने कहा कि यह पानी अगले दो दिनों में पूरे वेग के साथ दिल्ली पहुंचेगा।