Share Market : रूस के हमले के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट सेंसेक्स 1800 पॉइंट गिरा

भारतीय शेयर बाजार में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले का असर देखने को मिल रहा है आज बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई सेंसेक्स अट्ठारह सौ से ज्यादा पॉइंट गिर चुका है

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Share Market : भारतीय शेयर बाजार में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले का असर देखने को मिल रहा है आज बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई सेंसेक्स अट्ठारह सौ से ज्यादा पॉइंट गिर चुका है और निफ्टी में भी लगभग 550 अंकों की गिरावट देखी जा रही है भारतीय शेयर बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है, और इधर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव द्वारा दी गई चेतावनी के पास हो शेयर बाजार में निराशा बढ़ती जा रही है महासचिव द्वारा कहा गया है कि रूस के हमले से महाविनाश का खतरा खड़ा हो गया है इधर एक और खबर आ रही है कि कहीं चीन ताइवान पर हमला ना कर दे।

Update :

1.रूस-यूक्रेन में युद्ध के बीच भारतीय शेयर बाजार साल के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन रूस के यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई के ऐलान से भारत का शेयर बाजार धड़ाम हो गया। सेंसेक्स करीब 2200 अंक या 3.90 फीसदी से ज्यादा लुढ़क कर 55 हजार 000 अंक के नीचे आ गया। वहीं, निफ्टी भी अब 700 अंकों का गोता लगाकर 16,200 अंक के स्तर पर आ गया है। इस भारी गिरावट की वजह से निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ का नुकसान हो चुका है।

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2.रूस की ओर से हमला किए जाने के बाद यूक्रेन ने विश्‍व के दूसरे देशों से मदद और समर्थन की अपील की है. भारत में यूक्रेन के राजदूत ने  कहा, ‘हम भारत से समर्थन देने का आग्रह करते हैं. मोदी जी दुनिया के सबसे शक्तिशाली और सम्‍मानित नेता हैं और आपके रूस के साथ विशेष सामरिक रिश्‍ते हैं.’  यूक्रेन के राजदूत ने कहा कि मोदीजी यदि पुतिन से बात करते हैं तो हमें उम्‍मीद है कि वे  जवाब देंगे.  हम इस मामले में भारत की ओर से मजबूत आवाज की उम्‍मीद लगाए हुए हैं.’ यूक्रेन के राजदूत ने कहा, ‘हालात जल्‍द ही नियंत्रण के बाहर हो सकते हैं।

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3. ऐसे में यह केवल क्षेत्रीय संकट नहीं रह जाएगा और पूरे विश्‍व के लिए संकट का रूप ले सकता है. ऐसे समय बयान की जरूरत नहीं है, इसके कोइ मायने नहीं हैं, हमें पूरे विश्‍व के समर्थन की जरूरत है. यह न केवल हमारे बल्कि आपको अपने लोगों की सुरक्षा  के लिए जरूरी है. हम भारत का दखल (मामले में) चाहते हैं. रूस के साथ अपने रिश्‍तों के मद्देनजर भारत को इस मामले में और सक्रिय रूप से संलग्‍न होना चाहिए।