प्रदेश के पहले अंतरराष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर समिट में जुड़ेंगे कई एसोसिएशन के प्रतिनिधि

ग्लोबल फोरम फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट की वार्षिक साधारण सभा में 16 तारीख रविवार को SGSITS इंजीनियरिंग कॉलेज में होने वाले IRECIS 2022 कर्टन रेजर की तैयारियों पर चर्चा हुई।

ग्लोबल फोरम फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट की वार्षिक साधारण सभा में 16 तारीख रविवार को SGSITS इंजीनियरिंग कॉलेज में होने वाले IRECIS 2022 कर्टन रेजर की तैयारियों पर चर्चा हुई। इसमें कंस्ट्रक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर रियल स्टेट बैंकिंग एवं फाइनेंस से संबंधित कंपनियां जुड़ने जा रही है ।इसके अलावा विभिन्न कॉलेजों के सिविल इंजीनियरिंग तथा मैनेजमेंट विभाग के सदस्य भी जुड़ेंगे।

संस्था के अध्यक्ष दीपक भंडारी ने बताया कि इंदौर आज देश के और विश्व के मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी शहर देश के महानगरों को टक्कर दे रहा है ।मेट्रो रेलवे के आने साथ ही यह शहर उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना रहा है।

इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा रेलवे के द्वारा यह संपूर्ण देश और विदेशों से जुड़ चुका है तथा भारत के मध्य भाग में स्थित होने की वजह से सड़क नेटवर्क से भी यह पूरे देश को जोड़ रहा है इसलिए इंदौर आज देश का सर्वाधिक संभावना वाला प्रगतिशील शहर बन चुका है।

सचिव असीम जोशी ने बताया कि इस आयोजन में कई ट्रेडिंग और इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधि सम्मिलित हो रहे हैं । जैसे हार्डवेयर, सैनिटरीवेयर, फर्नीचर, होम अप्लायंसेज ,पेंट एवं कोटिंग, सीमेंट, स्टील, टाइल्स एवं फ्लोरिंग, इलेक्ट्रिकल मैटेरियल, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट्स ,वाटर प्रूफिंग एवं हिट प्रूफिंग इत्यादि। आर्किटेक्ट इंजीनियर इंटीरियर डिजाइनर एवं सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे

IRECIS 2022 की एक स्मारिका का प्रकाशन भी किया जा रहा है। जिसमें कंस्ट्रक्शन ,रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग एवं फाइनेंस से संबंधित लेखों का प्रकाशन किया जाएगा और नई तकनीक के बारे में जानकारी दी जाएगी। देश एवं विदेश के विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा जानकारी का समावेश भी किया जाएगा।

वार्षिक साधारण सभा में संस्था के कई सदस्यों ने भाग लिया एवं अपने अपने विचार रखे। मध्य प्रदेश सरकार का विशेष ध्यान इंदौर के सर्वांगीण विकास को लेकर है तथा भविष्य में यहां इंफ्रास्ट्रक्चर की अनेक परियोजनाएं चालू हो रही है ।इंटरनेशनल लॉजिस्टिक हब एवं इंटरनेशनल कार्गो इत्यादि के बनने से देश के सबसे स्वच्छ शहर को नई पहचान मिलेगी।