धर्म

सूर्य ग्रहण का इन राशियों पर होगा खास प्रभाव, हो जाए सावधान

ज्योतिषों के अनुसार, 21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा और भारत में सुबह 9 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर ग्रहण अपने चरम प्रभाव में होगा। जबकि सूतक ग्रहण के एक दिन पहले यानी 20 जून को रात 9 बजकर 15 मिनट से ही शुरू हो जाएगा जो ग्रहण समाप्ति तक प्रभावी रहेगा। ये सूर्य ग्रहण बहुत खास है क्योंकि इस ग्रहण पर मिथुन राशि में सूर्य, बुध, राहु और चंद्रमा की युति बनी रहेगी। इसके अलावा इस समय राहु, केतु प्लूटो, शनि, बृहस्पति बुध, शुक्र वक्री रहेंगे और मंगल अपना राशि परिवर्तन कर चुका होगा। तो चलिए जानते हैं इस बारे में विस्तार से –

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इन राशियों पर पड़ेगा सूर्य ग्रहण का प्रभाव –

मेष राशि- मेष राशि के जातकों को अपने गुस्से पर काबू रखना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में आपके लिए खतरा बन सकता है। साथ ही आप लोगों को सेहत का ख्याल अच्छी तरह रखना होगा। आपको पैरों से जुड़ी कोई बीमारी हो सकती है। ग्रहण के बाद एक लोटा जल सूर्यदेव को चढाएं और गुड़ का दान करें।

वृषभ राशि – वृषभ राशि के लोगों को सूर्य ग्रहण के चलते काफी ध्यान रखने की जरुरत है। खान-पान के अलावा वाणी पर भी ध्यान दें वरना आपके रिश्ते खराब हो सकते हैं। ग्रहण काल में अपनी राशि के स्वामी शुक्र को मजबूत करने की कोशिश करें। ग्रहण के बाद सफेद चीजों का दान करें।

मिथुन राशि – मिथुन राशि के लोगों को थड़ा बेचैन महसूस हो सकता है। किसी भी काम के लिए आप हड़बड़ी बिलकुल भी ना करें। आपके घर में समस्या हो सकती है। निर्णायक के तौर पर आगे बढ़ेंगे लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आपकी बातों को गलन ना समझा जाए। आप तनाव में आ सकते हैं और एक भ्रम की स्थिति बन सकती है। इससे आपको बचकर चलना जरूरी है। बुध के मंत्रों का जाप करें। ग्रहणकाल के बाद गणपति को पांच लड्डू चढ़ा दें।

कन्या राशि – कन्या राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में सावधान रहने की जरूरत है और कोई निर्णय ना लें। आपको ऑफिस के काम में कोई परेशानी आ सकती है। आपके दिमाग में अचानक नौकरी छोड़ने का भी ख्याल आएगा और एक असमंजस की स्थिति बनेगी। ग्रहणकाल के दौरान बुध के मंत्रों का जाप करें और ग्रहण के बाद गौशाला में चारे का दान करें।

वृश्चिक- वृश्चिक राशि के जातकों को पैतृक संपत्ति और निवेश का लाभ होगा। आपको जरूरत से ज्यादा तनाव लेने से बचें। आपका झुकाव आध्यात्म की तरफ झुकेगा। आपको बता दे, ग्रहणकाल के दौरान कृष्ण के मंत्रों का जाप करें और ग्रहण के बाद दूध का दान करें।

मकर- ये ग्रहण मकर राशि के छठे भाव यानी रोग भाव में पड़ेगा। आपको इस समय त्वचा की किसी बीमारी या वायरल इंफेक्शन से बचकर रहना है। आपको अपनी सेहत के साथ अपने काम का पूरी तरह ख्याल रखना जरुरी है। ग्रहणकाल के दौरान हनुमान, कृष्ण या शनि के मंत्रों का जाप करें। ग्रहणकाल के बाद किसी पीपल के पेड़ के नीचे सरसों का तेल चढाएं।

मीन- मीन राशि के जातकों को मां और जीवनसाथी के साथ किसी बात पर झड़प होने से रोकना होगा। साथ ही आपको अपने गुस्से पर काबू करने की कोशिश करना होगी। आप में नेतृत्व शक्ति है जिसकी वजह से आप मुद्दों को आसानी से सुलझा लेंगे। ग्रहणकाल के दौरान विष्णु के मंत्रों का जाप करें. ग्रहणकाल के बाद किसी मंदिर में चने की दाल का दान करें।