बाला साहेब के उत्तराधिकारी होंगे राज ठाकरे! बदला अपना झंडा और विजन

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति का शोर भले ही शांत हो गया हो, लेकिन इस राजनीति में जहां शिवसेना को बरसों की मित्रता को छोड़ना पड़ा तो वहीं एक ऐसी पार्टी से भी हाथ मिलाना पड़ा जिसके विचारधारा पार्टी से पूरी तरह अलग है। ऐसे में शिवसेना से अलग हुए बाल ठाकरे ने अपनी महाराष्ट्र नव निर्माण पार्टी को ‘मराठी मानुष’ से ‘हिंदुत्व’ की ओर ले जाने का फैसला लिया है।

गुरुवार को बाला साहेब ठाकरे की जयंती के मौके पर राज ठाकरे एक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। जिसमें उन्होंने पार्टी के झंडे को बदलने का फैसला लिया है। एमएनएस के पांच रंग के झंडे को अब भगवा रंग दिया गया है। भगवा ध्वज पर शिवाजी की मुहर है और उस पर संस्कृत में श्लोक लिखा गया है- ‘प्रतिपच्चन्द्रलेखेव वर्धिष्णुर्विश्ववन्दिता, शाहसूनोः शिवस्यैषा मुद्रा भद्राय राजते’।

एमएनएस की ओर से महाअधिवेशन के लिए लगाए पोस्टर पूरी तरह से भगवा रंग में है, जिस पर नारा दिया गया ‘महाराष्ट्र धर्म के बारे में सोचो, हिंदू स्वराज्य का निर्धारण करो’। वहीं इस पर पार्टी नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि भगवा पर किसी का कॉपीराइट नहीं है और पूरा महाराष्ट्र भगवा है। इस फैसले से महाराष्ट्र में नई ऊर्जा आएगी और महाराष्ट्र की राजनीति में नए मोड़ और विकल्प खुलेंगे।

बाला साहेब ठाकरे के निधन के बाद से कयास लगाए जा रहे है कि राज ठाकरे ही उनके उत्तराधिकारी बनेंगे। बाल ठाकरे के चाहे व्यक्तित्व की बात हो, भाषण देने की कला या फिर विचारों का खुलापन इन सारी चीजों को राज ठाकरे ने अपना रखा है। वह बाल ठाकरे की स्टाइल में भाषण देते हैं, वही नारे लगाते हैं और जन समूह को उसी तरह आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। इन सभी बातों को देखते हुए जानकारों का मानना हैं कि बाला ठाकरे के उत्तराधिकारी बनने के सभी गुण राज ठाकरे में बखुबी दिखाई देते हैं।