RSS से शुरू किया था राजनीतिक सफर, दोबारा बनने जा रहे मंत्री

0
71

पीएम मोदी के नए मंत्रिमंडल में मंत्रियों के नामों को लेकर चर्चा जारी है। जिनमें डॉ थावर चंद गहलोत का नाम भी शामिल है। खबरों के अनुसार गेहलोत को मंत्रिमंडल में बड़ा पद मिल सकता है। बता दे कि गेहलोत अनुसूचित जाति से बीजेपी का सबसे उल्लेखनीय चेहरा हैं। गेहलोत का जन्म 18 मई 1948 को मध्यप्रदश के उज्जैन स्थित रुपेटा गांव में हुआ था। गेहलोत ने अपने काॅलेज के दौरान से ही राजनीति की शुरूआत कर दी थी।

रोचक तथ्य –
गेहलोत ने मध्य प्रदेश की विधान सभा द्वारा प्रकाशित एक त्रैमासिक पत्रिका ‘विद्यायनी’ के लिए लेख भी लिखा है। इसके अलावा वह ‘बाला समाज’ नामक संगठन के जरिए शोषित वर्गों के लिए कार्य करते हैं।

ऐसा रहा राजनीतिक सफर-

गेहलोत ने 1962 में अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत आरएसएस के कार्यकर्ता के रूप में की थीं जिसके बाद उन्हे संघ में नगर कार्यवाहक और मध्यप्रदेश सचिव के पद पर नियुक्त किया था। जिसके बाद उन्होने 1967 से 1975 तक भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध केमिकल श्रमिक संघ के सचिव के रूप में कार्य किया है। 1975 में उन्हे भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध ग्रासिम इंजीनियरिंग श्रमिक संघ में कोषाध्यक्ष बनाया गया था।

वर्ष 1968 के दौरान हुए कामगारों के आन्दोल के चलते गेहलोत को कई बार हिरासत में भी लिया गया था। वह भैरवगढ़, उज्जैन जिला में लगभग 10 महीने तक न्यायिक हिरासत में रहे थे। वहीं 1975 में हुए आपतकाल में भी उन्हे भैरवगढ़, जिला जेल में आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीशा) के रखरखाव के तहत हिरासत में लिया गया था।

गेहलोत ने वर्ष 1977-1980 तक उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई थी। जिसके बाद वह वर्ष 1980,1990 और 1993 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे थे। इसके अलावा वह 1983-96 से भारतीय संसदीय संघ मध्यप्रदेश के सचिव की जिम्मेदारी भी उठा चुके हैं।

गेहलोत ने 1996 में शाजापुर संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज करवाई थी। जिसके बाद 1998 और 1999 में हुए चुनाव में भी गेहलोत जीते थे। बाद में विहिप, बीजेपी संसदीय दल, लोकसभा के लिये भी नियुक्त किये गए। 2000 तक वह कृषि समिति के सदस्य, साल 2001 तक अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण समिति के सदस्य नियुक्त हुए।

वर्ष 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में भी उन्होने बाजी मारी थी। 2012 में गेहलोत राज्यसभा के लिये चुन गए थे और 2014 को उन्हे सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री बनाया गया था और 2018 में उन्हें दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुना गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here