मोदी सरकार के लिए मुसीबत बनकर उभरा अक्टूबर! इन 8 झटकों ने बढ़ाई चिंता

अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार के लिए अक्टूबर मोह निराशाजनक रहा है। क्योकि इस माह कई ऐसे आंकड़ें सामने आए हैं जो कमजोर अर्थव्यवस्था की कहानी बयां कर रहे हैं। आईए जानते हैं उन आठ आंकड़ों के बारे में जो सरकार के लिए मुसिबत बन रहे हैं।

0
174
narendra modi

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार के लिए अक्टूबर मोह निराशाजनक रहा है। क्योकि इस माह कई ऐसे आंकड़ें सामने आए हैं जो कमजोर अर्थव्यवस्था की कहानी बयां कर रहे हैं। आईए जानते हैं उन आठ आंकड़ों के बारे में जो सरकार के लिए मुसिबत बन रहे हैं।

औद्योगिक उत्पादन में बड़ी गिरावट

जुलाई महीने के मुकाबले अगस्त में औद्योगिक वृद्धि दर 4.3 फीसदी से गिरकर -1.10 फीसदी पर आ गई है। फरवरी 2013 के बाद से ये सबसे कमजोर वृद्धि दर है। देश के 23 औद्योगिक ग्रुप्स में से 15 में मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ गिरकर निगेटिव हो गई है। बता दे कि आईआईपी में 77 फीसदी का योगदान देने वाले विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन में 1.2 फीसदी की गिरावट आई है। इसके अलावा बिजली उत्पादन में 0.9 फीसदी की गरावट आई है

मंदी की मार झेल रहा ऑटो सेक्टर

मंदी की मार झेल रहा ऑटो सेक्टर वाहनों की बिक्री में आ रही लगातार गिरावट से उबर नहीं पा रहा है। वाहन उद्योग में पिछले 21 सालों में सबसे कम बिक्री का सामना करना पड़ा। सियाम के मुताबिक घरेलू बाजार में अगस्त महीने में वाहनों की बिक्री में 23.55 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। ऐसी गिरावट इससे पहले साल 2000 के दिसंबर में देखने को मिली, जब बिक्री में 21.81 फीसदी की गिरावट आई थी।

मूडीज ने दिया झटका

पिछले दिनों रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी वृद्धि के अनुमान को घटाए जाने के बाद अब क्रेडिट रेटिंग ऐजेंसी मूडीज ने भी इल अनुमान को कम कर दिया है। मूडीज की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुुमान 6.2 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है। यानी मूडीस ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में 0.4 फीसदी की कटौती की है।

RBI ने भी घाटाया जीडीपी ग्रोथ का अनुमान

इधर आरबीआई ने भी भारत की चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी का अनुमान घटा दिया था। आरबीआई के अनुमान की माने तो वित्त वर्ष 2019-20 में विकास दर 6.1 फीसदी रह सकती है। इससे पहले आईबीआई ने 6.9 फीसदी जीडीपी का अनुमान लगाया था।

सितंबर में लुढ़का GST कलेक्शन

केन्द्र सरकार को आर्थिक मोर्चे पर लगातार झटके लग रहे हैं। इसी के चलते सरकार को नया झटका जीएसटी कलेक्शन के रूप में लगा है। दरअसल, सितंबर माह के जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए से नीचे रहा है। राजस्व विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ो के मुताबिक सितंबर में कुल 91,916 करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन हुआ है। जो कि अगस्त की तुलना में 6287 करोड़ रुपए कम है।

WEF की रैंकिंग में गिरावट

भारत को वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम (WEF) ने भी बड़ा झटका लगा है। दरअसल, ग्लोबल कॉम्पिटिटिव इंडेक्स में भारत की रैंकिंग गिर गई है। पिछले साल भारत 58वें नंबर पर था और अब यह लुढ़क कर 68वें नंबर पर आ गया है।

IMF ने भी चेताया

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ के चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने आर्थिक मंदी को लेकर भारत को चेतावनी दी है। जाहिर की है. उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में आर्थिक सुस्ती देखी जा रही है, जिसके कारण 90 फीसदी देशों की विकास की रफ्तार धीमी रहेगी. तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के कारण भारत में सबसे ज्यादा इसका असर देखा जाएगा। जॉर्जिएवा ने कहा कि “अमेरिका, जापान जैसे विकसित देशों में आर्थकि गतिविधियां नरम पड़ रही हैं, खासकर यूरोप में. दूसरी तरफ, भारत और ब्राजील जैसे देशों में इस साल आर्थिक सुस्ती ज्यादा मुखर रूप में दिखी है।” उन्होंने कहा कि “चीन की अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी अब सुस्त पड़ने लगी है।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here