अब आधार से लिंक कराना होगा वोटर आईडी, प्रस्ताव को मिली मंजूरी

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नई दिल्ली। पैन कार्ड को आंधर से लिंक कराए जाने के बाद अब आपको आपका वोटर आईडी भी आधार कार्ड से लिंक कराना होगा। केन्द्रीय कानून मंत्रलय की ओर से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। बता दे कि चुनाव आयोग की ओर से कानून मंत्रालय को इस तरह का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसे केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने स्वाकृति दे दी है। चुनाव आयोग ने कहा था कि कि 12 नंबर वाले आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड को लिंक करने के लिए उसे कानूनी अधिकार की आवश्यकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस कदम के चलते फर्जी वोटरों पर अंकुश लग सकेगा। ऐसे में नए और पुराने सभी वोटरों को अपन वोटर आईडी आंधर से लिंक कराना होगा। हालांकि यदि कोई ऐसा नहीं करता है तो उसका नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जा सकता है, साथ ही उसे लिस्ट में शामिल होने से रोका भी नहीं जा सकता है।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के मुताबिक इन आंकड़ों को सुरक्षित रखने यानी हैक, कॉपी या फिर चोरी आदि से बचाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा पर्याप्त कदम उठाए जाएंगे। आधार से वोटर आईडी लिंक होने के बाद फर्जी फर्जी वोटरर्स पर लगाम लगेगी और बोगस वोटर नियंत्रित होंगे। देश भर में विभिन्न राजनीतिक पार्टियां ने भी अगस्त में हुई बैठक के दौरान वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक करने पर सहमति जताई थी।

चुनाव आयोग की ओर से 12 दिसंबर को लिखे पत्र में कहा गया था कि उसने इस प्रकार के डाटा को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की हैं। आयोग का हना है कि आवेदन के दौरान ही दो तरह से डाटा को वैलिडेट किया जाएगा। किसी भी तरह से आधार का डाटा वोटर डाटाबेस में नहीं जाएगा। आयोग के मुताबिक आधार संख्या का उपयोग सिर्फ सत्यापन के लिए होगा। जिसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया गया है।

बता दे कि चुनाव आयोग द्वारा अब तक करीब 38 करोड़ वाटर्स के वोटर आईडी आधार कार्ड से लिंक हो चुके हैं। हालांकि अगस्त 2015 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले चलते चुनाव आयोग को इस पर रोक लगानी पड़ी थी। उस दौरान कोर्ट ने आधार का उपयोग केवल राशन, एलपीजी और केरोसिन लेने के मंजूर किया था।