किन्नरों के अंतिम संस्कार की नहीं होती किसी को खबर, ये होते हैं नियम

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नई दिल्ली: शादी के समय हो या घर में नए बच्चे का जन्म, ऐसे ख़ुशी के मौके पर घर में कही न कही से किन्नर आ ही जाते हैं. जिसके बाद वह दुआएं देकर, बख्शीस लेकर अपनी दुनिया में लौट जाते हैं. यही नहीं ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी गाड़ियों के पास भी देखा होगा. प्रचलित सेक्सुअल ऑरिएंटेशन से अलग सेक्स प्रेफरेंस रखने वाले किन्नरों की दुनिया एकदम अलग है, जिसमें आम लोगों का प्रवेश निषेध है. यहां तक की उनके अंतिम संस्कार के बारे में बेहद कम लोग जानते होंगे.  

ऐसा माना जाता है कि कई किन्नरों के पास आध्यात्मिक शक्ति होती है, जिसके चलते उन्हें मौत का पहले ही पता चल जाता है. उन्हें जैसे ही पता चलता है कि उनकी मौत होने वाली है तो वह सिर्फ कही आना-जाना ही नहीं बल्कि खाना भी बंद कर देते हैं. इस दौरान वह सिर्फ पानी पीते हैं और भगवान से दूसरे किन्नरों के लिए दुआ करते हैं जन्म में वे किन्नर न बनें. आसपास और दूरदराज के किन्नर मरते हुए किन्नर की दुआ लेने आते हैं. किन्नरों में मान्यता है कि मरणासन्न किन्नर की दुआ काफी असरदार होती है.

आपको जानकार काफी हैरानी होगी कि किनारों की मौत की खबर आम जनता तक बिलकुल नहीं पहुंच पाती है. किन्नर समुदाय इस बात का विशेष ध्यान रखता है कि इस मामले में बेहद सावधानी बरती जाए और इस बारे में किसी को भी पता न चले. वहां अधिकारियों को भी इस बारे में पहले ही बता दिया जाता है कि जानकारी गुप्त रहे.