NCLT के निर्देश, हैदराबाद के 25 एकड़ जमीन पर ओमेक्स ग्रुप बनाए यथास्थिति

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने हाल ही में ओमेक्स ग्रुप को हैदराबाद के Kokapet में 25 एकड़ जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है।

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नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने हाल ही में ओमेक्स ग्रुप को हैदराबाद के Kokapet में 25 एकड़ जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा है। साथ ही इसमें ईडन बिल्डकॉन की हिस्सेदारी भी शामिल है क्योंकि वह इस संपत्ति का मालिक है। दरअसल, एनसीएलटी ने समूह के चेयरमैन रोहतास गोयल के छोटे भाई और पूर्व संयुक्त प्रबंध निदेशक सुनील गोयल द्वारा दायर याचिका पर भी जमीन पर नॉनसेंस का आदेश दिया है।

सुनील गोयल के अनुसार, 2007 में अपनी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के समय ओमेक्स ने घोषणा की थी कि कोकपेट में परियोजना के लिए रुपए 1,800 करोड़ से अधिक का मूल्य होगा। उन्होंने कहा कि, “ मैंने सीखा है कि वे बाजार दर से बहुत कम दाम पर बेच रहे हैं। मेरे पास ओमेक्स की अधिकांश सहायक कंपनियों में 22% हिस्सेदारी है और मैं दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक हूं।

गोयल ने ईटी को बताया कि जिस तरह से जमीन का सौदा हो रहा है वह प्रबंधन का दुरुपयोग है और इसलिए मैंने एनसीएलटी को स्थानांतरित करने का फैसला किया है”। ओमैक्स के प्रवक्ता ने कहा, “एनसीएलटी द्वारा पारित आदेश एक पूर्व-पक्षीय आदेश है और हम इस पर कानूनी सलाह ले रहे हैं।” उन्होंने कहा, “ईडन बिल्डकॉन को पहले से ही सलारपुरिया सत्त्व समूह को बेच दिया गया है और हमारे ओमेक्स लिमिटेड एनएसई -0.27% की सहायक कंपनी नहीं है।”

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