CM भूपेश से मिले INTUC के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहा- प्रदेश के इस्पात संयंत्रों के लिए करेगा संजीवनी काम

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रायपुर। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) ने प्रदेश में स्थित इस्पात संयंत्रों की जरूरतों को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बैलाडीला स्थित डिपाजिट 13 को शुरू करने की मांग की है. श्रमिक संगठन ने डिपाजिट से जुड़ी समस्याओं के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समिति बनाकर निराकरण करने का प्रस्ताव दिया है.

अध्यक्ष जी संजीवा रेड्डी और उपाध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर इंटक की ओर से दो पन्नों का ज्ञापन सौंपा. इसमें बताया गया कि बैलाडीला में प्राप्त होने वाला लौह अयस्क की गुणवत्ता सम्पूर्ण विश्व में मिलने वाले उम्दा किस्म के लौह अयस्कों में प्रमुख है. छत्तीसगढ़ में भिलाई स्टील प्लांट को मिलाकर स्पंज आयरन व पिग आयरन का उत्पादन करने वाले लगभग 85 संयंत्र हैं. ये सभी सयंत्र कच्चे माल – लौह अयस्क के लिये मुख्यतः उड़ीसा पर निर्भर हैं.

इंटक ने बताया कि उड़ीसा स्थित अधिकांश खदानों में उत्पादन की समय सीमा वर्ष 2020 में समाप्त हो रही है. इस स्थिति में छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क आधारित उद्योग भीषण संकट में पड़ जाएंगे, जिसका सीधा असर राज्य में रोजगार व राजस्व पर पड़ेगा. वर्तमान में छत्तीसगढ़ सम्पूर्ण देश के स्टील / स्पंज आयरन उत्पादन का 30 प्रतिशत, कोयला उत्पादन का 17.45 प्रतिशत एवं आयरन ओर का 10 प्रतिशत उत्पादन करता है.

जी संजीवा रेड्डी व संजय सिंह ने कहा कि एनएमडीसी डिपॉजिट 13 से होने वाला उत्पादन राज्य के लोगो के रोजगार, राजस्व एवं उद्योगों के लिये संजीवनी का कार्य करेगा. एनएमडीसी डिपॉजिट 13 को लेकर बहुत सी समस्याएँ हैं, लेकिन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, समाज के प्रतिष्ठ लोग, विषय विशेषज्ञ, पर्यावरणविद् एवं मजदूर प्रतिनिधियों की समिति बनाकर इस समस्या का निराकरण कर उद्योगों की समस्या को दूर कर सकती है.

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